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दिल्ली फार्मूले के साथ क्या यूपी के सियासी रण में उतरेंगे केजरीवाल

स्कूलों की फीस, बिजली के बिल से क्या जीतेंगे पब्लिक का दिल
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। आम आदमी पार्टी को भले ही भाजपा अभी भी यूपी के सियासी रण में किसी गिनती में ना गिन रही हो लेकिन जो माहौल चल रहा है। उससे यह अंदाजा लग रहा है कि भाजपा को एक बार दिल्ली वाला हश्र याद रखना चाहिए। ये वो ही आम आदमी पार्टी है जिसने लगातार दिल्ली में जीत की हैट्रिक लगा ली है। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश की सियासी नब्ज को भांप रही है। वो यहां पर उन मुद्दों पर फोकस कर रही है जो सीधे पब्लिक से जुड़े हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने जब उत्तर प्रदेश में कार्यकारिणी सदस्य और जिलाध्यक्षों के साथ आॅनलाईन बैठक की तो यहां इस बात का स्पष्ट अंदाजा हो गया कि झाडू वाली पार्टी यहां पब्लिक की नब्ज भांप रही है। वो एक निश्चित लाईन पर चल रही है और जब उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह के साथ पूरी पार्टी जूम पर आई तो यहां सीन को जूम करते ही आने वाले सियासी कल का नजारा दिखाई दे रहा है। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुद्दों पर चर्चा हुई और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने दिल्ली में जनता की मूलभूत सुविधाओं को लेकर काम किया है इसलिए जनता ने हमें भरपूर प्रेम और सहयोग किया।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी सत्ता का खेल खेलने के लिए नहीं आई है। हमारी पार्टी जनता की सेवा करने के लिए आई है। हमारा संगठन पूरी मजबूती के साथ उत्तर प्रदेश में कार्यरत है और आगे भी तन-मन-धन से पार्टी को उत्तर प्रदेश में आगे ले जाने के लिए काम करती रहेगी। प्रदेश कार्यकारिणी के सभी सदस्यों और जिलाध्यक्षों को कार्यों की लिस्ट सौंपी गयी है। बैठक में आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता तरूणिमा श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष छवि यादव, प्रदेश सचिव मीनाक्षी श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव नवाब सोनी, जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी इस बैठक में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

नो फीस, नो स्कूल और कोरोना ईलाज बनेगा मुद्दा

आम आदमी पार्टी ने यूपी में उस मुद्दे को पकड़ लिया है जिसको लेकर जनता भाजपा से नाराज है और यहां इस मुद्दे पर उसे आम आदमी पार्टी से उम्मीद हो सकती है। कांग्रेस से उसे निराशा मिली है और ये मुद्दे स्वास्थ्य और शिक्षा हैं। लॉक डाउन पीरियड में नो फीस, नो स्कूल का मुद्दा छाया रहा। अभिभावकों को उम्मीद थी कि सरकार फीस में राहत देगी मगर अंत में सरकार ने कह दिया कि कोई फीस माफ नही होगी। कोरोना से ईलाज और कोरोना महामारी के दौरान ईलाज के अभाव में लोग परेशान हुए हैं। लोगों की मौत हुई है और यहां पर आम आदमी पार्टी ने कहा कि हम सत्ता का खेल खेलने के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा के लिए आये हैं। हमें उत्तर प्रदेश में धर्म,जाति के मुद्दे के खत्म कर स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, खड़ंजे और मूलभूत सुविधाओं पर जनता को समझाना है। यहां पर जब धर्म और जाति की बात आयेगी तो भाजपा और सपा, बसपा के लिए यह बात चुनौती बनेगी। मुस्लिम वोट आम आदमी पार्टी को डायवर्ट हो सकते हैं। फीस से परेशान वर्ग यहां आम आदमी पार्टी की तरफ रूख कर सकता है। केजरीवाल ने यूपी की सियासी नब्ज भांप ली है और अब 12 महीने यानी एक साल में आम आदमी पार्टी यहां पर कांग्रेस और अन्य स्थानीय दलों के एक बड़े विकल्प के रूप में सामने आ सकती हैं। उसके नेता जब जूम एप पर मीटिंग कर रहे हैं तो पार्टी के मुखिया की वाणी से आने वाले समय की रणनीति नजर आ रही है।

क्या दिल्ली मॉडल को मिलेगी यूपी में सफलता

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी दिल्ली मॉडल के साथ उतरेगी। दिल्ली मॉडल का मतलब सस्ती बिजली, मुफ्त पानी और शानदार सरकारी स्कूल और मौहल्ला क्लीनिक हैं। अब सवाल ये है कि यूपी में यह फार्मूला कितना कारगर होगा। यहां पर जनता महंगी बिजली से परेशान है। सरकारी स्कूलों की हालत बदतर है और निजी स्कूलों की महंगी फीस से अभिभावक की कमर टूट चुकी है। कोरोना काल में लोग सिर्फ इसलिए मर गये क्योंकि उन्हें ईलाज नहीं मिला और कोरोना टेस्ट को लेकर लोग भटकते रहे। आम आदमी पार्टी जनता को बता रही है कि यदि उसके हाथ में सत्ता आई तो वह इन चीजों की तस्वीर बदल देगी। इसके लिए दिल्ली का उदाहरण बताया जायेगा और यह स्थिति भाजपा के लिए चुनौती वाली हो सकती है।

कोरोना का ग्राफ गिरा है, आक्सीमीटर मिलने से

दिल्ली में जिस प्रकार हमने कोरोना को लेकर कार्य किए हैं। इससे हमारे दिल्ली में करोना का ग्राफ 88% गिरा है और सबसे बेहतरीन काम आॅक्सीमीटर ने किया। क्योंकि कोरोना के मरीज को मास्क पहने हुए रहना होता है । जिससे आॅक्सीजन की कमी उनमें आ जाती है और इससे कई लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए आॅक्सीमीटर दिल्ली सरकार ने खरीद कर लोगों के घरों तक पहुंचाया और ठीक होने के बाद वापस लेकर दूसरे कोरोना पेशेंट के यहां पहुंचाया। इससे रूटीन में काम आने वाली आॅक्सीमीटर लोगों के आॅक्सीजन की कमी को दूर करने में सहायक रही। ऐसे ही संगठन आॅक्सीमीटर खरीद कर अपने जिलों अपने ग्राम में हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों की आक्सीमीटर से मदद करें। जिससे कोरोना मरीज की जान बचा सके।

पत्रकारों से लेकर पुलिस तक करेगी पार्टी की रणनीति असर

महंगी बिजली को लेकर, महंगी शिक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी ने यहां नब्ज को भांपा है तो अब वह उस वर्ग को भी अपने साथ लेकर चलेगी जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और आम आदमी की सुरक्षा यानि पुलिस कहा जाता है। जूम एप की मीटिंग में आम आदमी पार्टी के कर्णधारों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। यहां कोई सुरक्षित नही है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि यूपी में पत्रकार, महिलायें, व्यापारी यहां तक कि पुलिस वाले भी सुरक्षित नही हैं। ये शब्द बता रहे हैं कि आम आदमी पार्टी के पास कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस अधिकारियों की हत्या, गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या और लोनी में व्यापारियों की हत्या से लेकर लखनऊ में मां-बेटी के आत्म दाह की कोशिश के सभी आंकड़े मौजूद हैं। वह पूरे यूपी में हर जिले में अपराध, मीडिया पर हमला और व्यापारियों से लेकर अपराध पर नजर रख रही है। वह इन मुद्दों को चुनावी मेनिफेस्टो का हिस्सा बनायेगी।

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