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क्या आज मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे सरकारी अस्पताल की घोषणा

क्या कोई जनप्रतिनिधि कर पायेगा तैयार ऐसी योजना

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। आज मुख्यमंत्री गाजियाबाद आ रहे हैं और वो उस विधानसभा में कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन करेंगे जिस विधानसभा में सरकारी अस्पताल को लेकर भाजपा में ही अभियान चला था। यहां पर सरकारी अस्पताल के लिए सबसे ज्यादा प्रयास लोकसभा सांसद जनरल वीके सिंह ने किए। उन्होंने खोड़ा से लेकर साहिबाबाद तक अस्पताल की जमीन के लिए शासन स्तर से वार्ता कर रास्ता साफ किया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने अस्पताल के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
शहर विधायक और स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग चाहते हैं कि यहां सरकारी अस्पताल खुले और वह खुद इसके लिए प्रयासरत हैं। यहां पर सरकारी अस्पताल के लिए सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक ही लोकसभा सांसद जनरल वीके सिंह ने मारा है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से बात की और फिर आवास-विकास से लेकर चिकित्सा विभाग के बड़े अधिकारी एक्शन में आ गये। यहां पर पूर्व क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी योगेश त्रिपाठी को जनरल वीके सिंह की ओर से जमीन तलाशन के लिए भेजा गया था।
उन्होंने एक ही दिन में वसुंधरा में अस्पताल के लिए चार स्थानों पर जमीन तलाश ली थी। यहां के विधायक सुनील शर्मा भी सरकारी अस्पताल के लिए पूरा प्रयासरत हैं। पूर्व में कई लैटर शासन को लिख चुके हैं। अब जमीन तो मिल गयी लेकिन जमीन की कीमत काफी है। आज जब मुख्यमंत्री कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन करेंगे तो यही देखना होगा कि गाजियाबाद के इतने जनप्रतिनिधियों में कौन सा जनप्रतिनिधि ऐसा है जो प्रदेश के मुखिया से इस क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत को रख दे। जब मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंचेगी तो फिर इसका असर अलग होगा। जब मुख्यमंत्री मंच से सरकारी अस्पताल के निर्माण की तिथि घोषित कर दें या अस्पताल की घोषणा कर दें तो फिर साहिबाबाद के लोगों के लिए सरकारी ईलाज बेहद आसान और सुलभ हो जायेगा। अब यही देखना है कि कौन सा जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री से ऐसी घोषणा करवा पाता है। क्योंकि मौका भी है और दस्तूर भी है।

राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल तो पहले ही दे चुके हैं प्रस्ताव

आज जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन करेंगे तो सरकारी अस्पताल की घोषणा पर निगाहे रहेंगी। यहां जब सरकारी अस्पताल की बात होगी तो उस लेटर का जिक्र जरूर होगा जो राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखा था। राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि कैलाश मानसरोवर भवन की जरूरत वर्ष में दस दिन पड़ती है। इस भवन की एक मंजिल कांवड़ यात्रियों के लिए रखी जाये और भवन की अन्य मंजिल पर यदि सरकारी अस्पताल खोल दिया जाये तो यह जगह और धन दोनों का सदुपयोग होगा। ऐसे में इस पर भी नजर रहेगी की राज्यसभा सांसद के सुझाव को मुख्यमंत्री ने कितनी गंभीरता से लिया है।

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