Current Crime
ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर किसने कितना किया सपोर्ट

जनरल को छोड़कर किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं किया रिपोर्ट

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)
गाजियाबाद। श्रीराम मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है। यह भाजपा की प्रथम प्राथमिकता है और मंदिर निर्माण में भाजपा से पहले संघ कमान संभाल चुका है। संघ सहयोग और समर्पण राशि अभियान से कलेक्शन शुरू कर चुका है। उसके कार्यकर्ताओं से लेकर भाजपा के नेता सभी समर्पण सहयोग राशि अभियान में जुट गए हैं। यह अभियान 14 जनवरी से 28 जनवरी तक चलता है। यहां पर एक सवाल भाजपा में है कि प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण में किसने कितना सपोर्ट किया है इसको लेकर अभी तक किसी जनप्रतिनिधि ने रिपोर्ट नहीं किया है। सभी जनप्रतिनिधि अभियान में लगे हुए हैं, मगर धन का खुलासा नहीं हो रहा है। संगठन के नेता तो बता रहे हैं कि समर्पण निधि अभियान में उन्होंने कितना कलेक्शन किया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा 51 लाख रुपए का लक्ष्य बता चुके हैं। पूर्व क्षेत्रीय मंत्री अजय शर्मा से लेकर क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने बताया था कि उन्होंने मंदिर निर्माण में क्या सहयोग किया है। लेकिन यहां पर बताया ये जा रहा है कि जनप्रतिनिधि अपने सहयोग को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा हों या लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर हों इस लिस्ट में मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी भी हैं और शहर विधायक अतुल गर्ग भी हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किस जनप्रतिनिधि ने कितना सहयोग किया है। जनप्रतिनिधियों की बात करें तो यहां जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी पवन मावी, खोड़ा नगर पालिका अध्यक्ष रीना भाटी, लोनी नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा, मेयर आशा शर्मा, एमएलसी दिनेश गोयल के नाम भी हैं। क्या ये जनप्रतिनिधि मंदिर निर्माण सहयोग समर्पण राशि में अपने सहयोग को गोपनीय रखना चाहते हैं या फिर कुछ और बात है। क्योंकि सिस्टम ऐसा है कि सभी को बताना है कि कितने कूपन लिए थे और कितने कूपन जमा कराए। कितना धन नकद आया और कितने कूपन के बदले चेक से भुगतान हुआ है।

पहली बैठक में ही सचिन डागर ने दिए थे 6 लाख 6 हजार

जब राममंदिर तीर्थ ट्रस्ट वैशाली महानगर की बैठक हुई थी तो इस पहली बैठक में ही संघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सूर्य नगर के माहेश्वरी जी ने 31 लाख रुपए की समर्पण राशि दी थी। इसके अलावा भाजपा पार्षद और जीडीए बोर्ड सदस्य सचिन डागर ने 6 लाख 6 हजार रुपए की धनराशि सहयोग रूप में दी थी। यहां पर भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने 1 लाख 11 हजार और भाजपा पार्षद सरदार सिंह भाटी ने भी 1 लाख से अधिक का सहयोग दिया था। यहां पर करहेड़ा के प्रेम सिंह चौहान ने 2 लाख 51 हजार और संघ के संपर्क प्रमुख सतीश जी ने योगदान किया था। हरनंदी महानगर के कृष्ण कुमार ने 2 लाख 51 हजार का सहयोग किया था। बॉबी त्यागी ने 51 हजार और संदीप चौधरी ने 1 लाख का सहयोग दिया था।

हर प्रसाद गुप्ता का ढाई करोड़ का चेक बन गया क्या एक चुनौती

राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट वैशाली महानगर की बैठक की अध्यक्षता संचालन समिति के अध्यक्ष हर प्रसाद गुप्ता ने की थी। हर प्रसाद गुप्ता आईमी कॉलेज के चेयरमैन हैं। उन्होंने दो हजार 51 लाख रुपए का समर्पण सहयोग मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किया था। ढाई करोड़ का ये चेक सबसे बड़ा सहयोग नदिया के इस पार से लेकर उस पार तक सबसे बड़ा समर्पण सहयोग है। अब यहां ढाई करोड़ का ये चेक संगठन से लेकर अन्य समर्थकों के लिए एक चुनौती बन गया है। क्योंकि ये सबसे बड़ा सहयोग है और अभी भाजपा के कई चेहरे समर्पण सहयोग में आगे आएंगे। क्योंकि इतनी बड़ी धनराशि अकेले एक व्यक्ति के रूप में केवल हर प्रसाद गुप्ता ने दी है। ये अमाउंट ही ऐसा है कि इसके आगे दूसरी राशि काउंट नहीं होती और ये राशि एक माउंट के रूप में सामने है। हालांकि धन का मामला नहीं है और मन का मामला है, लेकिन फिर भी जब कलेक्शन हो रहा है तो सलेक्शन का सीन भी होगा कि अमाउंट हैं तो काउंट भी होगा।

नदिया के उस पार 11 करोड़, इस पार 25 करोड़ का लक्ष्य

समर्पण सहयोग राशि अभियान शुरू हो चुका है। संघ पहले ही कह चुका है कि इस अभियान का उद्देश्य धन नहीं बल्कि मन का जुड़ाव है। अधिक से अधिक लोगों को साथ लेना है। इसके लिए दस रुपए का कूपन भी दिया गया है। मगर भगवा गढ़ में नदिया के इस पार और उस पार टारगेट को लेकर डबल का सीन हो रहा है। नदिया के उस पार 11 करोड़ का लक्ष्य है और इस पार 25 करोड़ का टारगेट दिया गया है। साहिबाबाद सबसे बड़ी विधानसभा भी है और यहां पांच करोड़ का टारगेट तो पूरा भी हो चुका है। शुक्रवार को भी बैठक हुई और माना जा रहा है कि इसी हफ्ते में ये टारगेट पूरा हो जाएगा। मगर सबसे बड़ी चुनौती नदिया के इस पार से है। क्योंकि शहर विधानसभा यहीं है। लाइन पार क्षेत्र यहीं है और 25 करोड़ का टारगेट कम नहीं होता है। डोर-टू-डोर जाना है। एक पूर्व अध्यक्ष ने तो 51 लाख का टारगेट खुद के लिए तय किया है। वैशाली महानगर संघ की दृष्टि से इसे हिंडन पार नया क्षेत्र हैं और पुराना शहर इस दृष्टि से समृद्ध है। यहां संघ विचार धारा के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। लिहाजा 25 करोड़ का टारगेट नदिया के इस पार रखा गया है। अब यही देखना है कि 28 जनवरी तक यह टारगेट कैसे पूरा होता है।

संघ की कुशल पारी, भाजपा पर भारी

इसमें कोई दो राय नहीं है कि संघ हमेशा एक रणनीति के तहत काम करता है। संघ को विश्व की सबसे बड़ी एनजीओ ऐसे ही नहीं कहा जाता है। उसके पास समर्पित कार्यकर्ता हैं। वहीं भाजपा के पास भी कर्मठ कार्यकर्ताओं का पूरा मेला है, लेकिन सियासी लोग किसी काम को सियासी ढंग से करते हैं। जब मंदिर निर्माण को लेकर समर्पण सहयोग अभियान चल रहा है तो यहां ये अंतर भी नजर आ रहा है। ऐसा नहीं है कि भाजपा के लोग कलेक्शन के लिए नहीं जा रहे हैं। अभी अभियान शुरू हुआ है और भाजपा वालों ने गले में झोले टांग कर सब जगह सम्पर्क करना शुरू कर दिया है। अभियान स्पीड पकड़ रहा है। मगर यहां संघ वालों ने अपने सधे हुए अंदाज से इस मैच में पहले मिनट से ही पकड़ बना ली है। संघ वालों की कुशल पारी भाजपा पर भारी पड़ रही है। जब भाजपा वाले कलेक्शन के लिए सहयोग समर्पण कूपन लेकर पहुंचे और विषय रखा तो पता चला कि संघ के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले ही आ चुके हैं। संघ अपनी मुहिम को धार दे रहा है और जब भाजपा वाले किसी के यहां पहुंचे तो पता चला कि संघ के फलाने जी भाई साहब तो पहले ही आकर चले गए हैं। समर्पण सहयोग भी ले गए हैं। हालांकि भाजपा भी इस मैच में कम नहीं है। उसके कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ जुटे हैं। खास बात यह है कि कार्यकर्ता खुद झोला लेकर मैदान में आ गए हैं। भाजपा के कार्यकर्ता उस माहौल को बना रहे हैं जो माहौल संघ चाहता है।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: