Current Crime
उत्तर प्रदेश ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

जब पीआरवी पर तैनात सिपाहियों की सजगता से मिला एक नवजात को जीवन

कोई मरने के लिए छोड़ गया था मगर विधाता ने दी जिंदगी
वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। पुरानी कहावत है कि जाको राखे सार्इंया मार सके ना कोय। जिसे बचाने के लिए ईश्वर अपनी कृपा बरसाते हैं तो फिर कोई कुछ भी कर ले मदददूत आ जाते हैं और जीवन मिलता है। कुछ ऐसा ही किस्सा लोनी इलाके में हुआ है। लोनी के थाना ट्रोनिका सिटी में पीआरवी 4788 के 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना मिली कि एक नवजात बच्ची बिजली घर ट्रोनिका सिटी के पास लावारिश अवस्था में पड़ी है। अब सूचना मिलते ही पीआरवी पर तैनात सिपाहियों ने तुरंत ही रिस्पांस दिया और मौके पर पहुंच गये। खास बात यह थी कि पुलिस टीम ने यहां पर बेहद कम समय में मौके पर पहुंचकर सबसे पहले नवजात बच्ची को गोद में लिया। इसके बाद यहां पर पता किया तो बताया गया कि बच्ची रो रही थी और जब लोगों ने इस बच्ची की रोने की आवाज सुनी तो तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने मौके पर जानकारी जुटाई मगर बच्ची के लिए कोई सामने नहीं आया। यहां पर शानदार बात यह रही कि पीआरवी टीम ने बिना देर किए तुरंत ही बच्ची को सबसे पहले पास के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। बच्ची का मेडिकल चेकअप हुआ तो सब हैरान रह गये कि जिस बच्ची को कोई मरने के लिए लावारिस छोड़ गया था, उस बच्ची को कहीं खरोच भी नहीं थी और किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नही थी। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य पाई गयी और इसके बाद बच्ची को एक कांस्टेबल की पत्नी की सुपुदर्गी में दिया गया है और चाईल्उ वर्किंग कमेटी को इसकी सूचना दी गयी है।

सिपाही की पत्नी की गोद में खेल रही है बच्ची

इसे कुदरत का कमाल कहा जायेगा कि जिस बच्ची को कोई सड़क पर झाड़ियों में मरने के लिए फेंक गया था उस बच्ची को सिपाहियों ने जीवन दिया और यह बच्ची अब एक सिपाही की पत्नी की गोद में खेल रही है। पीआरवी टीम में शामिल सिपाही नरेश की पत्नी नीलम ने बच्ची की देखरेख की जिम्मेदारी ली है। सब उस समय हैरान रह गये जब सिपाही नरेश की पत्नी नीलम ने नवजात बच्ची को गोद में लिया तो रो रही बच्ची एकदम चुप हो गई और वह नीलम की गोद में खेलने लगी। ऐसा लग रहा था कि कांस्टेबल नरेश की पत्नी नीलम और इस बच्ची का कोई पिछले जन्म का रिश्ता है।

जब एसएसपी ने थपथपाई पीआरवी टीम की कमर

अगर अच्छा काम हो तो शाबाशी भी बनती है। अधिकारी यदि सिपाहियों के अच्छे काम पर उनका मनोबल बढ़ाते हैं तो इससे अन्य स्टॉफ को भी प्रेरणा मिलती है। लोनी ट्रोनिका सिटी में जब पीआरवी 4788 पर तैनात टीम को 112 नम्बर पर सुबह 7 बजे बुधवार को सूचना मिली कि बिजली घर के पास कोई लावारिस बच्ची रो रही है तो यहां पर पीआरवी टीम ने जिस तरह से रिस्पांस दिया और सबसे पहले बच्ची को डॉक्टर के पास ले गये वह बेहद सराहनीय कदम रहा। लोगों ने इसकी तारीफ की और एसएसपी ने पूरी पीआरवी टीम को शाबाशी दी है और एसपी देहात को भी बधाई दी है।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: