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ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

क्या कर रहे थे सीओ, बैंक मैनेजर के कमरे में!

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। नोटबंदी के बाद अगर भ्रष्टाचार में कोई सबसे ज्यादा शामिल मिला है, तो वह बैंक अधिकारी है। यह पहला मौका है जब बैंक अधिकारियों ने लोन स्वीकृत करने के लिए नहीं बल्कि नोट बदलने के लिए सोने की र्इंटे रिश्वत में ले ली।
अब सरकार की नजर बैंकों पर ही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने बैंकों को नोटबंदी के बाद सीसीटीवी फुटेज संभालकर रखने के निर्देश दे दिए हैं। इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए ही जांच की आंच बैंक अधिकारियों तक पहुंचेगी। जब फुटेज की जांच होगी तो गाजियाबाद में बैंक अधिकारियों के साथ-साथ कई पुलिस अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे। सूत्र बताते हैं कि 1000 और 500 के नोटों की अदला-बदली में पुलिस से लेकर शिक्षण संस्थानों तक के मालिक शामिल हैं। नवयुग मार्किट स्थित एक बैंक में महानगर में तैनात पुलिस क्षेत्राधिकारी कई बार आएं हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी बैंक में चैकिंग के लिए नहीं आएं हैं। यह क्षेत्राधिकारी जब-जब बैंक में आए, तब-तब यह अपने साथ एक काला बैग लेकर आए हैं। नोटबंदी के बाद लगभग दस बार यह सीओ बैंक के प्रबंधक के कमरे में बैठे हैं। सीसीटीवी फुटेज बता देगी कि मैनेजर के कमरे में सीओ क्या कर रहे थे। काले बैग का राज क्या है। सीओ आखिर बैंक में क्या करने जाते थे और मैनेजर के कमरे में बैठकर कौन सी चैकिंग वाली फाइले काले बैग में होती थी।

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