उत्तर प्रदेश
लाल किले का ब्लास्ट फिदाईन था, आतंकी उमर नबी का वीडियो आया सामने, अंग्रेजी में तकरीर दे रहा
नई दिल्ली। करंट क्राइम। लाल किले के पास ब्लास्ट फिदाइन हमला था। इसका पुख्ता प्रमाण सामने आ गया है। लाल किला के चलती कार से धमाका करने वाले आतंकी मोहम्मद उमर नबी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में उमर नबी धारा प्रवाह अंग्रेजी में तकरीर दे रहा है। वीडियो में वो सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहरा रहा है। इस वीडियो में आतंकी उमर एक कमरे में अकेला बैठा है और वीडियो बना रहा है।
इस वीडियो में आतंकी उमर कहता है कि सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है।
वीडियो में अपने टी शर्ट में लैपल लगाया हुआ उमर कहता है, “लोग जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह यह समझने में नाकाम रहना है कि बम विस्फोट या आत्मघाती बम विस्फोट का विचार असल में क्या है। इसके खिलाफ कई विरोधाभास और अनगिनत तर्क हैं।
वह आगे कहता है, “आत्मघाती हमलों की मुख्य समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी मृत्यु एक निश्चित समय और स्थान पर होगी, तो वह एक खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है. वह यह मानने लगता है कि मृत्यु ही उसकी एकमात्र मंज़िल है।“
आगे वह कहता है कि, ’लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसी सोच, या ऐसी परिस्थितिया, किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं, क्योंकि वे जीवन, समाज और कानून के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं।’
जांच एजेंसियों ने आतंकी उमर की मां का डीएनए सैंपल लेकर पुष्टि की है कि कार चलाने वाला शख्स आतंकी उमर ही था। और इस धमाके में उसके चिथड़े उड़ गए हैं।
उत्तर प्रदेश
मानवता हुई शर्मसार, मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने पहुंचा 8 साल का मासूम
एटा। करंट क्राइम। एटा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अपनों की बेरुखी के बीच एक आठ साल का बच्चा अपनी मां के शव के साथ अकेला खड़ा रहा। पिता को पहले ही खो चुके इस मासूम को कंधे के लिए चार लोग तक नसीब नहीं हुए। जिसके बाद वह खुद मां का शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा।
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का आठ साल का एक मासूम अपनी मां नीलम का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने जिला मुख्यालय पहुंचा।
दरअसल, एक साल पहले पिता की एचआईवी से मौत होने पर रिश्तेदारों और पडोसियों ने परिवार से दूरी बना ली थी। बच्चे के पास कोई सहारा नहीं बचा है। पुलिस ने अंतिम संस्कार और मदद का जिम्मा लिया।
इस घटना ने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर किया है। मासूम के पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी और मां गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। बच्चे ने अकेले ही फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली तक मां का इलाज कराया। पिछले आठ दिनों से वह मेडिकल कॉलेज में दिन-रात सेवा कर रहा था। मां की मौत के बाद जब कोई रिश्तेदार कंधा देने नहीं आया, तो यह छोटा सा बच्चा समाज की बेरुखी के बीच अकेला डटा रहा।
बच्चे का कहना है कि चाचा और अन्य रिश्तेदारों की नजर उसकी जायदाद पर है, लेकिन बीमारी के दौरान किसी ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया।
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बेटी के जन्म लेने की खुशी में 13 स्कॉर्पियो का काफिला लेकर घर पहुंचा परिवार, ढोल नगाडे भी साथ थे
हमीरपुर। करंट क्राइम। जिले में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला। हाईवे पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म मंगलवार को हुआ। परिवार में एक पीढ़ी के बाद बेटी का जन्म हुआ है। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर का है।
मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में अंजुम परवेज उर्फ राजू के परिवार में लंबे समय बाद बच्ची का जन्म हुआ है। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने राजू के परिवार को दी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
एक गाड़ी में राजू और उनकी पत्नी निखत बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए।
2 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ राजू की पत्नी निखत फातिमा को 2 दिन पहले मंगलवार को घर से एक किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात निखत ने बेटी को जन्म दिया।
उत्तर प्रदेश
2014 से पहले खिलाड़ी पलायन करते थे, आज गांव-गांव तक खेलकूद प्रतियोगिताएं हो रही हैंः योगी
लखनउ। करंट क्राइम। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर युनिवर्सिटी परिसर में अंतर विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता की शुरुआत से पहले खिलाड़ी सीएम से मिले और फिर योगी ने बास्केटबॉल को उछाल कर 2 बार बास्केट में डालने का प्रयास भी किया। हालांकि वह गोल करने में तो सफल नहीं हो पाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि साल 2014 से पहले खिलाड़ी या तो पलायन करते थे या हताश होकर बैठ जाते थे। लेकिन आज उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक खेलकूद प्रतियोगिताएं हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेल के लिए स्वस्थ शरीर का होना बहुत जरूरी है। ये तभी प्राप्त हो सकता है जब कोई भी नियम और संयम के साथ रहेगा। उन्होंने कहा जब शरीर स्वस्थ होगा तो जीवन के सभी साधन प्राप्त होंगे।
महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट 19 जनवरी तक चलेगा। इस प्रतियोगिता में पूर्वी क्षेत्र के 14 राज्यों की कुल 31 टीमों को हिस्सा लेना था लेकिन 27 टीमें इस प्रतियोगिता में शामिल हुई।
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