चिराग पासवान के बयान से अलग-थलग पड़े उप्रेन्द्र कुशवाह, सभी को मर्यादा में रहना चाहिए

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पटना (ईएमएस)। मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान के एक बयान ने बिहार की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीच जुबानी जंग पर उन्होंने गठबंधन के साथियों को मर्यादा में रहने की नसीहत दी है। चिराग पासवान ने शनिवार को नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि नीतीश कुमार गैर मर्यादित भाषा बोल सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा से दो टूक शब्दों में कहा कि मामले को तूल न दें। पटना में उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी को मर्यादा का जरूर ख्याल रखना चाहिए। चिराग पासवान ने एनडीए के सहयोगियों से कहा कि अगर कोई संदेह है तो आपस में बैठकर बात करें।
उन्होंने एनडीए की एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि सीटों को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि सम्मानजनक समझौते की उम्मीद जाहिर की। चिराग पासवान का ये बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शुक्रवार को उपेन्द्र कुशावाहा ने दावा किया था कि उन्होंने ही भाजपा और लोजपा के साथ गठबंधन बनाया था। उनका गठबंधन जेडीयू से नहीं बल्कि भाजपा और लोजपा के साथ है। साफ है कि जिस तरह से चिराग पासवान ने नीतीश कुमार का बचाव किया है वह उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के लिए असहज स्थिति ला सकती है। हालांकि कुशवाहा ने भी ये दावा किया है कि वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलकर तो सब ठीक हो जाएगा। कुशवाहा ने खुद को एनडीए गठबंधन का स्थायी हिस्सा बताते हुए कहा था कि वह जेडीयू की तरह आए-गए’ वाले नहीं हैं। हालांकि चिराग पासवान के ताजा बयान से साफ होता जा रहा है कि कुशवाहा एनडीए में खुद ही अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।