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ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

करहैड़ा में धर्म परिवर्तन को लेकर हंगामा, प्रशासनिक अमले ने सुनी मांगे

प्रशासनिक अधिकारियों ने धर्मातंरण से किया इंकार, मांगों पर जल्द मिलेगी राहत
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। साहिबाबाद थानाक्षेत्र के करहैड़ा में 50 परिवारों के 236 सदस्यों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने का मामला चंद घंटों में सुर्खियां बन गया। बुधवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने करहैड़ा का दौरा किया और धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों से बातचीत की। धर्म अपनाने वाले लोगों ने बाल्मीकि समाज का लगातार शोषण किए जाने का आरोप लगाया और उनकी समस्याओं पर सुनवाई न होने से आजिज आकर यह कदम उठाने की बात की। दिनभर चले राजनैतिक और प्रशासनिक उठापटक के बाद देर शाम इन लोगों ने दोबारा से हिंदू धर्म अपनाने के संकेत दिए हंै। वहीं इस मामले में आप नेता संजय सिंह व दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल भी सक्रिय हो गए उन्होंने कुछ लोगों से मुलाकात की है। दिन में जिलाधिकारी, एसएसपी, एडीएम और भाजपा नेताओं व विधायक सुनील शर्मा ने करहैड़ा का दौरा किया। उधर एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि करहैड़ा के सम्बंध में जिलाधिकारी ने मुझे और एसपी सिटी को संयुक्त जांच दी थी जिसकी रिपोर्ट सौंप दी गयी है। करहैडा में 230 लोगों के धर्मान्तरण के सम्बंध में साक्ष्य उपलब्ध नही हुए हैं। धर्म परिवर्तन सम्बंधी जो प्रमाण पत्र देखने को मिले उसमें अधिकांश पर ना तो किसी प्रकार का नाम है, ना सही पते हैं और ना ही क्रमांक व तारीख अंकित नही है। इसमें कोई सदस्यता व पंजीकण संख्या अंकित नही है। कुछ प्रमाण पत्र सादे मिले हैं। जिसमें किसी का भी नाम इसमें उसकी सहमति के बिना लिखवाया जा सकता है। इस क्षेत्र के निवासियों द्वारा केवल स्थानीय विषयों के समाधान कराये जाने हेतु हस्ताक्षर वाला ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।
लोगों ने लगा दी आरोपों की झड़ी
बता दें कि साहिबाबाद थानाक्षेत्र के करहैड़ा में 70 से अधिक बाल्मीकि परिवार रहते हैं। इनमें 50 परिवारों के करीब 236 लोगों ने पिछले सप्ताह बौद्ध धर्म अपना लिया। स्थानीय निवासी पवन बाल्मीकि और बलदेव का कहना है कि उनके समाज के लोगों के साथ गलत और भेदभाव भरा व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि हाथरस कांड में पीड़िता को न्याय न मिलने से भी समाज परेशान है। उनके समाज के लोगों का शोषण हो रहा है समाज के लोगों की हर बात अनदेखी की जाती है। शिक्षा, चिकित्सा और न्याय न मिलने से लोग परेशान हैं। यहां के लोगों का आरोप है कि माता-पिता मेहनत मजदूरी में रहते हैं बच्चों को पढ़ाते हैं लेकिन नौकरी नहीं मिल पाती है। लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली गई तो सरकार से कोई मदद नहीं दी। बिजली के बिल माफ नहीं हुए। बच्चें पेट नहीं भर सके। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसी प्रकार का मकान या गैस कनेक्शन भी वाल्मीकि समाज के लोगों तक नहीं पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि बीती 14 अक्टूबर को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रपौत्र राज रतन अंबेडकर करहैड़ा आए थे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी तो स्थानीय लोगों ने कहा कि राज रतन के कहने पर 40 परिवारों ने बौद्ध धर्म अपनाया है। लोगों का कहना है कि अगर धर्म बदलने के बाद उन्हें समाज के बराबर का हिस्सा मिल सकेगा।
डीएम-एसएसपी ने दिया न्याय का भरोसा
वहीं लोगों के धर्म परिवर्तन करने की जानकारी अधिकारियों में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारियों का दल यहां पहुंचा और लोगों से बातचीत की। इस दौरान जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे, एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत अन्य अधिकारियों ने लोगों को जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि लोगों की सभी समस्याओं की सूची तैयार कर ली गई है, उनकी सभी समस्याओं का समाधान एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। लोगों ने समस्या समाधान होने के बाद दोबारा से हिंदू धर्म अपनाने की हामी भर दी है। वहीं एएसपी साहिबाबाद केशव कुमार का कहना है कि इस मामले में अभी कोई शिकायत या मुकदमें की कार्रवाई नहीं की गई है।
हम समाज के हर व्यक्ति के साथ हैं : सुनील शर्मा
साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव करहैड़ा में कुछ लोगों ने धर्मांतरण होने की बात कहीं। मैं स्वयं और जिला प्रशासन मौके पर गया। लोगों से बातचीत हुई तो सामूहिक धर्मांतरण जैसा कोई विषय वहां पर नहीं था, सभी लोग अपने धर्म में आस्थावान थे और वहां पर उसी समाज के बीच मां दुर्गा का पंडाल सजा था। मेरी उन लोगों से बात हुई तो उन्होंने बताया कि हमारी कुछ स्थानीय समस्या थी, जिनके कारण भावेश में दो तीन व्यक्तियों ने इस प्रकार का प्रचार किया था। वहीं उपस्थित समाज के लोगों ने मुझे बताया कि आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने यहां आकर के लोगों की भावनाओं को भड़काया है। करहैड़ा में समस्त वाल्मीकि समाज हमारे साथ है। किसी ने धर्मांतरण नहीं किया है। कुछ लोग आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर माहौल खराब करने की साजिश कर रहे हैं मेरा जिला प्रशासन से अनुरोध है ऐसे तत्वों के खिलाफ कारवाई की जाए। समाज के लोगों की जो भी समस्या है उनका समाधान तत्काल किया जाए हम समाज व क्षेत्र की समस्याओं प्रति सजग है अगर कोई भी समस्या होगी तो उसका निदान हम करेंगे।
नंद किशोर गुर्जर ने लिखा पत्र

साहिबाबाद के इस मामले में लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर गृहमंत्री अमित शाह, राज्यपाल और प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर दिल्ली के सीएम, संजय सिंह व अमानतुल्ला के खिलाफ माहौल खराब करने और आईएसआई जैसे संगठनों से तुलना की है। उन्होंने कुछ लोगों पर क्षेत्र की शांति व कानून व्यवस्था खराब करने का भी आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने भी कहा है कि लोगों को झूठे भरोसे देकर बरगलाया जा रहा है।
सीएम योगी से निगम पार्षद प्रदीप चौहान ने की शिकायत

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने बताया कि घटना साहिबाबाद के ठाकुर बहुल्य गांव करहैड़ा की है। जहां पर कुछ वाल्मीकि समाज के लोग धर्म परिवर्तन की बात कर रहे हैं। पूरा मामला 14 अक्टूबर 2020 का है। कुछ तो लोग वास्तव में ही परेशान हैं । कुछ के जख्मों पर कांग्रेस , आम आदमी पार्टी , भीम आर्मी के लोगों ने अपनी पार्टी का मरहम लगाकर लगभग 12 परिवार आसपास के लोगों की सूची बनाकर बौद्ध धर्म में लाने का मामला बताया है। जब में 21 अक्टूबर को मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाया गया। वहां मैंने पाया कि वहां उपस्थित लोग ऐसे बातें कर रहे थे जैसे भीम आर्मी के कार्यकर्ता हों। बरहाल मैंने उन्हें समझाया कि बाल्मीकि अपने आप में एक धर्म है। जिसे दुनिया के सभी धर्मों का उदय हुआ है। अपने धर्म को छोड़ना ठीक ऐसे ही होता है जैसे हम अपने परिवार को छोड़ रहे हो। परंतु उपस्थित महिलाओं से पुन: अपने बाल्मीकि धर्म में आने का आहवान किया। वहां उपस्थित लोगों ने आश्वासन दिया है कि पहले हम उनकी समस्याओं को दूर करें। मैंने उन्हें आश्वासन दिया है जल्द ही सरकार से आपकी समस्याओं के संकट में बात की जाएगी।

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