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जुबान संभाल के (27/10/2020)

दौलतपुरा में बजा था नीले राजा पर घूंसो का डीजे

किस्सा उस नीले नेता को लेकर भगवा गढ़ में गूंज रहा हैं जिसके किस्से काफी मशहूर बताये जाते हैं। यंग नीले नेता की सियासी किस्मत का लिटमस टेस्ट इस उपचुनाव में होना बाकी हैं। नीले नेता के साथ एक्स एलीफेंट घूम रहे हैं। लेकिन सबसे पहले जिस एक्स एलीफेंट ने कदम ताल की थी वो इन दिनो डिस्टेंस पर हैं। जो इस कहानी को जानते हैं वो बता भी रहे है कि पिलखुवा वाले फार्म हाऊस पर तब शेल्टर दिया था जब उन्हे पुलिस तलाश रही थी। कोंडली में पगड़ी वाले गेटअप में दौलत वालो ने पूरे प्यार से रखवाया था। लेकिन अब अब पता चला है कि नीले यंग के कैरेक्टर को देखकर दौलतपुरा वाले भी दंग रह गये थे। फिर भगवा गढ़ यानी गाजियाबाद में ही दौलतपुरा में नीले राजा पर घूंसो का डीजे बजा था। बताने वाले बता रहे हैं कि नीली फौज वालो को पता नही है कि राजा को मौज लेने की पुरानी आदत है। डीजे से उनका पुराना कनेक्शन हैं।बता रहे हैं कि गाजियाबाद की धरती पर उन्हे प्यार भी मिला और बात जब खुली तो फिर लात घूंसो का उपहार भी मिला। सुना हैं सारे सबूत हैैं उनके पास

लेडी कांग्रेस के गृह नक्षत्र ठीक नही चल रहें

भाज΄ाा नगरी गाजियाबाद में इन दिनो कांग्रेस के महिला प्रकोष्ठ प्रधान पद की कुर्सी के गृह नक्षत्र ठीक नही चल रहे बताये जाते हैं। कांग्रेस पहले से ही महिला पालिटिक्स में अन्य दलो से आऊॅट सोर्सिंग पर चल रही हैं अब सोशल सर्विस वाली लेडी को डायरेक्ट संगठन महिला प्रधान की चेयर पर बिठाया है। ऐसा पालिटिक्स में बहुत ही रेयर होता हैं। कांग्रेसी कह रहे है कि हो सकता है कि कांग्रेस में कोई महिला कार्यकर्ता इस कुर्सी पर बैठने को तैयार ना हो। यहीं से बताया गया कि लेडी कांग्र्रेस के गृह नक्षत्र ठीक नही चल रहे हैं वैसे भी इन दिनो। जो भी लेडी कांग्रेस की सगंठन मुखिया वाली कुर्सी पर विराजमान होती हैं उसके ही नाम मुकदमा तो दर्ज हो ही जाता हैं। पूजा चढढा अध्यक्ष बनी और चिटफंड कमेटी के कारोबार में उन के सिर कर्ज भी हो गया,घाटा भी हो गया और मुकदमा भी दर्ज हो गया। माया जाटव ने कुर्सी संभाली और तहरीर मुकदमे का सीन हो गया उनके साथ भी। हो सकता है इसलिये कांगें्रस की किसी लेडी कार्यकर्ता ने खुद ही अध्यक्ष बनने से इंकार कर दिया हो तब उन्होने साहस दिखाया हो खुद

दमयंती और जनरल जीते थे पहले ही चुनाव में

कोरोना काल में मौहल्ला चुनाव की दस्तक सुनाई दी हैं। दावेदारो ने सेवा के जरिये आपदा में अवसर तलाशा। सबसे ज्यादा जोश भगवा दावदारो में हैं। उन्हे लग रहा है कि टिकट मिल जाये बस बाकी जीते तो पड़े ही है हम अब किसी ने कह दिया कि ऐसे टिकट नही मिलता पहले सगंठन में काम करो और फिर पार्टी उम्मीदवार के लिये चुनाव में पसीना बहाओ इसके बाद टिकट मांगना। अब इतना सुनते ही यूथ कार्यकर्ता ने जो कहा वो सही में सुनने वाला था। यूथ कार्यकर्ता ने कहा कि पहले तुम चुनावी हिस्ट्रीआफ भगवा गढ़ पढ़ के आओ। मेयर चुनाव में आने से पहले दमयंती गोयल बूथ अध्यक्ष थी और जनरल वीके सिह मडंल अध्यक्ष रहे थे। दोनो ही नेताओं ने कई बार चुनाव में प्रचार किया था। फिर यूथ वर्कर ने पुराने नेता के फेस को देखते हुये कहा कि दमयंती गोयल और जनरल वीके सिहं लाईफ के पहले ही चुनाव में जीते थे। टिकट के लिये टर्म एंड कंडीशन नही होती हैं।

जब अफसर हैं मौन तो हम भला बोलने वाले कौन

टू व्हीलर के चालान कट रहे हैं और थ्री व्हीलर बस अडडे पर जाम लगा रहे हैं। डग्गामार बसे सवारी भर रही हैं और जीडीए के बाहर पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर नवयुग मार्किट का रास्ता बंद कर दिया है मगर निजी बसे यहीं पर लोकल अडडा बनाकर सवारी भर रही है। भाजपा के नेता ने ही कहा कि हम कहेगें तो सरकार का विरोध हो जायेगा समझा करो आप

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