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ग़ाजियाबाद

जुबान संभाल के (14/01/2021)

नामित चचा के लिये नही सुनेगें गलत बात

मडंल प्रभारी ने जब नामित पार्षद के लिये कुछ एल्कोहलिक बात कही तो किसान मोर्चा के पडिंत जी ने मोर्चा संभाल लिया। प्रभारी कहे कि वो ऐसे हैं और किसान मोर्चा वालो ने मोर्चा खोलते हुये एलान किया कि कुछ भी हो लेकिन वो ऐसे नही हैं। मडंल के प्रभारी ने जब जोर दिया तो किसान मोर्चा वालो ने भी दस हजार रूपये की शर्त लगा ली। बताने वाले प्रभारी से कहा कि आप उन्हे अल्कोहल वाला बता रहे हो और वो तो लहसुन तक भी नही खाते। किसान मोर्चा वाले ने बिरादरी वाले नामित का पूरा पक्ष लिया। साफ कह दिया कि हम उनके लिये गलत बात नही सुनेगें अब किसान मोर्चा वाले के तेवर देखकर प्रभारी ने बैक गियर डाल लिया। किसान मोर्चा वाले पडिंत जी की तारीफ करनी होगी कि वो सच के लिये अड़ गये और तब अड़ गये जब वो नामित पार्षद वहां मौजूद नही थे। किस्सा किसी फोन को लेकर चला था और लोन वाले पडिंत जी को ताव तब आया जब प्रभारी ने नामित पार्षद को एक झटके में एल्कोहलिक बता दिया। गलत तो गलत हैं साहब

साहब ने कहा था कि वीआईपी से बड़ा आईएएस होता हैं

जांच नगर पालिका में हो रही हैं और आंच निगम तक आ रही हैं। अब जब एसआईटी वाले फाईले खंगाल रहे हैं और मैडम जेल में हैं तो चर्चा विकास वालो में थी। बताया गया कि कोड में ही होगें नाम उधर भी इधर तो वीआईपी कोड हैं तब विकास वाले बाबू ने ही रजनीगंधा जुबान पर रखी और जुगाली अदांज में जुबान खोली। कह दिया कि अफसर जानते है कि आसमान भी फट जाये तो खुद कैसे बचना हैं ये तो सिर्फ लैंटर ही गिरा हैं। अफसर तो अफसर होता हैं बताते बताते वो बता गये कि वीआईपी को क्या कहा जाता हैं और साहब ने उस रात क्या कहा था। वीआईपी का मतलब सियासत में वैरी इम्पोर्टेंट पति कहा जाता हैं। ये सुनकर साहब ने कहा था उस वीआईपी को बता देना कि आईएएस वीआईपी से बड़ा होता हैं। वो तो पति होने की वजह से इर्म्पोटेंट हो गया मगर आईएएस का मतलब ही आईएमसरकार होता हैं। सरकारो से उस पर फर्क नही पड़ता उसका जलवा चार्ज से होता हैं। आज नगर देख रहे हैं कल जिला देखेगें। उन्हे तो हम सबकुछ दिखा चुके वो हमें कहां तक देखेगें तो समझ लो कि बड़ा तो आईएएस ही होता हैं

बीस साल पुराने भाजपाई को मिला सक्रिय भाजपाई

फूल वालो के सीने में शूल तो ये नवभाजपाई दे रहे हैं। कार से किसी के दफ्तर पर पहुंचे सरकार वाले नेता का अदांज निराला था। भगवा कुर्ते में वो पहुंचे तो बीस साल पुराने भाजपाई भी वहां मौजूद थे। आफिस वाले ने नये भाजपाई से कहा कि आप इन्हे नही पहचानते तो करंट का झटका बीस साल पुराने भाजपाई को लगा। तीन साल पहले भाजपा में आये नेता ने कहा कि ये पार्टी में सक्रिय नही होगें वरना हम इन्हे जरूर जानते। ये अदांज 20 साल ओल्ड भाजपाई को अखरा उसने कहा कि सक्रिय का सर्टिफिकेट आप देगेें। इतना सुनते ही तीन साल पुराने भाजपाई ने कहा कि हम नही देगें पार्टी देगी। ये कहकर जेब से मोबाईल निकाला और अपनी सक्रिय सदस्यता की रसीद दिखाते हुये कहा कि पार्टी के प्रमाण से ये रहे सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता हम और आपके पास प्रमाण हैं तो आप दे दो। कह दिया कि केवल साल मत गिनाओं आप अपने काम गिनाओं। इतना सुनते ही 20 साल पुराने भाजपाई ने सरेंडर कर दिया कहा कि सही में बदली हैं भाजपा

कलेक्शन के टाईम हम याद आ गये तुम्हें

राम के काम के लिये जब फूल वाले चले तो दाम से पहले काम का सीन आ गया। दाम तो राम के नाम पर ले जाओ पर काम वाली बात तो सुन ही लो। याद दिलाया और उलाहना दिया कि वो वाला काम जो तुम्हे बताया था हमने वो काम दस हजार देकर दरोगा से करचा लिया था हमने। चलो तुमने तो नही पूछा पर हमने सोचा याद दिला दे। कलेक्शन के टाईम पर तो हम याद आ गये तुम्हे। अब तो सोशल डिस्टेंस का पालन नही करना होगा तुम्हें।

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