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हजारों बंदर, पकड़नेवाला सिर्फ एक, एमसीडी को बंदर पकड़ने वालों की तलाश

नई दिल्ली (ईएमएस)। साउथ, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली में बंदर एमसीडी अफसरों के लिए काफी परेशानी में डाल दिया हैं। जैसे-जैसे बंदरों का आतंक बढ़ रहा है, वैसे ही एमसीडी अफसरों पर इन्हें पकड़ने का हाई कोर्ट का डंडा भी तेज हो गया है। लेकिन, समस्या यह है कि एमसीडी को बंदर पकड़ने वाले मंकी कैचर ही नहीं मिल रहे हैं। बंदरों की संख्या हजारों में हैं और उन्हें पकड़ने के लिए केवल एक मंकी कैचर एमसीडी के पास मुश्किल से है। हाई कोर्ट के अल्टिमेटम के बाद अब एमसीडी ७ राज्यों में मंकी कैचर की तलाश कर रही है। अफसरों का कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु में मंकी कैचर की तलाश की जा रही है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन दिल्ली ने बंदरों के आतंक पर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर लंबे समय से सुनवाई चल रही है। कोर्ट इस मामले में एमसीडी अफसरों को बंदर पकड़ने के लिए कई बार चेतावनी भी दे चुका है। लेकिन, एमसीडी अफसरों के सामने समस्या यह है कि कोई भी बंदर पकड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। यहां तक कि एमसीडी अफसरों ने मंकी कैचर के पैसे भी बढ़ा दिए हैं, फिर भी कोई बंदर पकड़ना नहीं चाह रहा है। बंदर न पकड़ने पर कोर्ट से अफसरों के खिलाफ ही ऐक्शन की चेतावनी मिल रही है और अगर कोई बंदर पकड़ने के लिए तैयार भी होता है, तो एनजीओ और लोगों की दखल के कारण कुछ ही दिनों में वे काम छोड़ देते हैं। इससे परेशान एमसीडी अफसर बंदरों को पकड़ने से ही पल्ला झाड़ रही है। एमसीडी ने दिल्ली सरकार के वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट को पत्र लिखा है और कहा है कि बंदर वन्य जीवों की कैटिगरी में आते हैं, इसलिए वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट ही इस काम को करे, तो बेहतर रहेगा। एमसीडी के पास बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ट्रेंड मंकी कैचर भी नहीं है। इन सबके बावजूद एमसीडी अफसरों को कोर्ट से बार-बार चेतावनी मिलने के बाद अब नए सिरे से मंकी कैचर की तलाश की जा रही है। एमसीडी ने कई अखबारों में मंकी कैचर की जॉब के लिए ऐड भी जारी किया है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु से मंकी कैचर की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया है। अभी तक ५ लोग सामने आए हैं।

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