खंडूरी के सामने संकट, पुत्र का प्रचार करे या शिष्य का!

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देहरादून (ईएमएस)। पांच बार के सांसद, दो बार मुख्यमंत्री और एक बार केन्द्रीय मंत्री रहे भुवनचन्द्र खंडूरी ने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा, जब उन्हें शिष्य तीरथ सिंह रावत और पुत्र मनीष खंडूरी के बीच चुनाव करना होगा। केवल खंडूरी को ही नहीं बल्कि भाजपा से उनकी विधायक बेटी ऋतु खंडूरी के लिए भी ये अजब कश्मकश की स्थिति है। ऋतु को अपने पार्टी प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच न चाहते हुए भी चुनाव करना पड़ रहा है। कभी राज्य में अपनी ईमानदार, बेदाग और कड़क छवि से भाजपा के लिए संकटमोचक रहे निवर्तमान गढ़वाल सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचन्द्र खंडूरी इन दिनों खुद संकट में फंसे हुए हैं। एक तरफ वो पार्टी जिसने राजनीति में लाकर उन्हें वो सब कुछ दिया जिसे पाना हर किसी के लिए सपना होता है, आज उसी पार्टी के प्रत्याशी और अपने खास शिष्य के लिए चुनाव मैदान में उतरकर वोट मांगना उनके लिए धर्मसंकट हो गया है।