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निगम में 100 वार्ड बनने का रास्ता हुआ जनसंख्या के आधार पर साफ

अशोक शर्मा (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। नगर निगम में अब 80 वार्ड से बढ़कर संख्या 100 होने जा रही है। इससे पहले माना जा रहा था कि नगर निगम में इस बार वार्डो की संख्या बढ़कर 110 हो जायेगी, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से आये दिशा निर्देशों और वर्ष-2011 की जनगणना के आधार पर चुनाव कराये जाने के निर्देशों के बाद 100 वार्ड का रास्ता साफ हो गया है। निगम द्वारा वार्डो की संख्या के आधार पर एक वार्ड में 16500 की जनसंख्या होनी चाहिए इसमें 15 फीसदी मार्जिन रखा गया है। यह 15 फीसदी कम या फिर ज्यादा दोनों हो सकता है।
नगर निगम में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान मेयर अशु वर्मा ने कहा कि नगर निगम को मिले दिशा निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है और निगम के वार्डो का परिसीमन शीघ्र पूरा करके शासन स्तर पर भेज दिया जायेगा। श्री वर्मा का कहना है कि निगम के सभी 80 वार्डो में इस दौरान कटनी छटनी की जायेगी। प्रत्येक वार्ड में 16500 जनसंख्या के फॉरमेट को लेकर काम किया जायेगा और इसमें 15 फीसद का मार्जिन लिया जायेगा। श्री वर्मा ने कहा कि शीघ्र ही उक्त की कार्रवाई को पूरा करके भेज दिया जायेगा। वर्ष-2011 की जनगणना के मुताबिक नगर निगम क्षेत्र में 1648000 जनता यहां रहती है और इस हिसाब से यहां 100 वार्ड बनाये जा सकते हैं। जनसंख्या के हिसाब से वार्डो का परिसीमन किया जायेगा।
क्या रहेगा परिसीमन का आधार
1-नगरीय निकायों में कक्षों को ऐसी रीति से विभाजित किया जायेगा कि यथा सम्भव प्रत्येक की जनसंख्या सम्पूर्ण नगरीय निकाय क्षेत्र की जनसंख्या को कक्षों की संख्या में विभाजित कर प्राप्त होने वाली औसत जनसंख्या के समान हो। अपरिहार्य परिस्थितियों में किसी कक्ष की जनसंख्या उस नगरीय निकाय के कक्ष में औसत जनसंख्या से 15 प्रतिशत कम या अधिक हो सकेगी।
2-कक्ष की सीमा विस्तार में दिशा निर्देश के साथ स्थायी चिन्ह का जिससे सीमा बिलकुल स्पष्ट हो जाये का उल्लेख आवश्यक होगा। यथा सम्भव भौगोलिक सीमा, पक्की सड़क, रेलवे लाइन या मोहल्ले के नाम से सीमा विस्तार किया जायेगा।
3-परिसीमन प्रस्ताव के मानचित्रों में कक्ष, मोहल्ले, सड़कें, नदियां, नाले, रेलवे लाइन आदि स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे और मोहल्ले के नाम भी स्पष्ट करते हुए सभी सीमाएं स्पष्ट रूप से अंकित की जाएंगी। ऐसा मानचित्र जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित किया जायेगा।
4-कक्ष निर्धारण में एक परिवार के सभी सदस्यों को एक ही कक्ष में रखा जाये। इस उद्देश्य में यथा सम्भव नवीन कक्षों में पूरे मोहल्ले को रखे जाने का प्रयास किए जाए और कक्ष में एक से अधिक मोहल्ले होने पर उनको एक दूसरे से सहयुक्त रखा जाए।
5-नये कक्षो के परिसीमन में यदि एक कक्ष से दूसरे कक्ष में मतदाताओं को स्थानान्तिरिक करने की आवश्यकता हो तो यथा सम्भव एक मतदेय स्थलसे संबंधित सभी मतदाता एक वार्ड में स्थानान्तरित हो जाएं। ऐसा करने से निर्वाचक नामावलियों के रिएलाइनमेंट में सुविधा होगी।
6-कक्षों के क्रमांक उत्तर प्रदेश नगर निगम नगर पालिका (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावलियों 1994 के नियम-3 के अनुसार रखे जायेंगे।

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