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ग़ाजियाबाद

शमशान हादसे के बाद दर्द की हकीकत… पापा कब आएंगे, आने की राह देखते रोते-रोते सो जाते हैं मासूम बच्चे

प्रमोद शर्मा (करंट क्राइम)

मुरादनगर। नगर क्षेत्र की गंगा विहार कॉलोनी निवासी नितिन की शमशान घाट हादसे में दर्दनाक मौत के बाद उनका आठ साल का बेटा राज एक कमरे में बैठकर अपने पिता की फोटो को निहारता रहता है। उसको उम्मीद है कि उसके पापा जल्द ही घर वापस लौटेंगे।
राज अपनी मां और बूढ़े दादा को देखकर रोने लगता है। हम बात कर रहे हैं, श्मशान घाट 3 जनवरी के हादसे में 24 लोगों की मौतो की , जिनमें नितिन भी शामिल था। गंगा विहार कॉलोनी निवासी नितिन के बूढ़े पिता इकबाल सिंह बताते हैं कि 3 जनवरी को उनके रिश्तेदार संगम विहार कॉलोनी निवासी जयराम की अंतिम क्रिया में शामिल होने के लिए उन्हें जाना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण नितिन ने अपने पिता इकबाल सिंह को नहीं जाने दिया और वह स्वयं अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गया।
नितिन की पत्नी नीलम बताती हैं कि यदि उन्हें यह मालूम होता कि श्मशान घाट की में जाने के बाद वह हमारे बीच से हमेशा के लिए चले जाएंगे, तो वह उन्हें कभी नहीं जाने देती। नितिन प्रिंटिंग प्रेस में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। उनके दो बेटे हैं। जिनके बीच रहकर वह अपने परिवार के साथ खुशी से रहता था , लेकिन श्मशान घाट के लेंटर के नीचे दबने के बाद नितिन की मृत्यु के बाद परिवार का संसार ही उजड़ गया है। आज उनके परिवार के सामने अंधकार छाया हुआ है। परिवार में कोई आमदनी का साधन न होने के कारण उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। नितिन के बूढ़े पिता इकबाल सिंह बताते हैं कि नितिन की मजदूरी से ही घर का चूल्हा जलता था। अब उसके चले जाने के बाद उन्हें दो वक्त की रोटी महूसर होनी भी कठिन लग रही है। पिता इकबाल सिंह कहते हैं कि सरकार ने परिवार की आर्थिक मदद के लिए 10 लाख का चेक व बच्चों की पढ़ाई के लिए नि:शुल्क प्रमाण पत्र तो दे दिए हैं , लेकिन नितिन के परिवार को रहने के लिए मकान व परिवार का गुजर-बसर के लिए नितिन की पत्नी नीलम को नौकरी मिलना अत्यंत जरूरी है। जिसके कि वह अपने बच्चों का पालन पोषण सुचारू रूप से कर सके। नितिन की पत्नी नीलम बताती है कि नितिन की मौत के बाद उनके दोनों बेटे देव उम्र 10 वर्ष जो कक्षा 3 का छात्र है व राज उम्र 8 वर्ष कक्षा 1 का छात्र है, दोनों बेटे शाम होते ही उनसे अपने पिता के बारे में पूछते हैं कि मम्मी पापा कब आएंगे और देर रात तक अपने पापा की आने की राह देखते रहते हैं और रोते-रोते सो जाते हैं, यही हाल नितिन के बूढ़े पिता इकबाल सिंह का है, वह बेटे की याद में रोते सिसकते रहते हैं। नीलम का कहना है कि शमशान घाट में लेंटर में घटिया सामग्री लगाने वाले भ्रष्टाचार में लिप्त सभी दोषियों को सजा मिले तभी उनके पति की आत्माओं को शांति मिलेगी।

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