अब तक पता नहीं चल सकी दिमागी बुखार की असली वजह

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मुजफ्फरपुर (ईएमएस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी या दिमागी बुखार के कारण 170 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस बीमारी का कारण नहीं पता चल सका है। हालांकि, शोधकर्ताओं को यह पता चला है कि इसके पीछे कोई वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या कोई और जीव नहीं है। इसका मतलब यह हुआ कि दिमागी बुखार के फैलने की वजह गैर-संक्रामक है। इस बीमारी से जुड़े दूसरे फैक्टर भले ही साफ होते जा रहे हैं, लेकिन इसके होने की असली वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। शोधकर्ताओं के सामने यह साफ है कि खाली पेट या कुपोषण का शिकार होने पर ज्यादा लीची खाने से हाइपोग्लाइसीमिया और मेडिकल सेवा मिलने में देरी के कारण दिमागी बुखार की समस्या बढ़ती है।
कई शोधकर्ताओं का मानना है कि पोस्टमॉर्टम के बाद शायद यह साफ हो सके कि आखिर इन मौतों के कारण क्या है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रीसर्च (आईसीएमआर) के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक हम बीमारी का सटीक कारण नहीं पता कर सके हैं। शोधकर्ता हर संभावना को खंगाल रहे हैं, लेकिन हमारा ध्यान अभी लीची में मौजूद टॉक्सिन, कुपोषण और हीट वेव पर है।
वहीं, चमकी बुखार के कारण हो रही मौतों का प्रतिशत पिछले सप्ताह 27 फीसदी से गिरकर इस सप्ताह 21.3 फीसदी पर आ गया है। 1 से 14 जून के बीच 232 नए मामले सामने आए थे, जबकि 63 बच्चों की मौत हुई थी। 15-20 जून के बीच 320 नए मामले आए और 55 मौतें हुईं। एक पब्लिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया है कि बारिश होने के साथ ही नए मामलों में कमी आने लगती है।