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ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए सकारात्मक रहा पिछला साल

नई दिल्ली/चेन्नई| ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए पिछला साल काफी सकारात्मक रहा। मार्च 2016 को खत्म हुए वित्त वर्ष में ज्यादातर कंपनियों की ब्रिकी में इजाफा देखने को मिली। यह उद्योग अब ब्याज दरों में कटौती की आस लगा रहा है ताकि अगले वित्त वर्ष में इनकी ब्रिकी के आंकड़ों में वृद्धि हो।

भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता मारुति सुजुकी ने मार्च में कुल बिक्री में 15.9 फीसदी वृद्धि की जानकारी दी है।

कंपनी ने बताया कि मार्च में कुल 1,29,345 वाहनों की बिक्री हुई जिनमें 1,18,895 गाडियां घरेलू बाजार में बिकी और 10,450 का निर्यात किया गया। जबकि इसके पिछले साल इसी अवधि में कुल 1,11,555 वाहन की बिक्री हुई थी, जिसमें घरेलू बिक्री 1,03,719 थी और 7,836 का निर्यात किया गया।

ऑटोमोबाइल निर्माता के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष से उनकी बिक्री में कुल 10,6 फीसदी का इजाफा हुआ।

कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान कुल 14,28,248 वाहनों की बिक्री हुई जो कि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 10.6 फीसदी का इजाफा है। कंपनी ने घरेलू बाजार में कुल 13,05,351 वाहन बेचे जबकि 1,23,897 वाहनों का निर्यात किया गया।”

कंपनी ने कहा कि लगातार चौथे साल भारत के चार सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडलों में अल्टो, डिजायर, स्विफ्ट और वैगनआर शामिल है।

वहीं, दूसरी तरफ देश की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया (एचएमआईएल) ने मार्च के दौरान कुल 51,452 वाहन बेचे। इनमें घरेलू बाजार में 41,201 वाहनों की बिक्री हुई जबकि 10,252 वाहनों का निर्यात किया गया। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने कुल 49,740 वाहन बेचे थे, जिसमें घरेलू बाजार में 39,525 वाहनों की बिक्री हुई थी और 10,215 वाहनों का निर्यात किया गया था।

हुंडई ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इस साल उसकी बिक्री में 15.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। जिनमें सबसे ज्यादा बिक्री घरेलू बाजार में बेचे जाने वाले वाहनों में हुई जो 4,84,324 इकाई रही जबकि वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान कुल 4,20,668 वाहनों की बिक्री हुई थी।

एचएमआईएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री और विपणन) राकेश श्रीवास्तव ने बताया, “हुंडई ने वित्त वर्ष 2016 में सबसे ज्यादा बिक्री का आंकड़ा छुआ है जो कि पिछले साल के मुकाबले 15.1 फीसदी ज्यादा रही। इस दौरान कंपनी ने कुल 4,48,324 वाहन बेचे। इसके साथ ही कार बाजार में हमारी हिस्सेदारी बढ़कर 17 फीसदी से अधिक हो गई। जिन वाहनों की बिक्री सबसे ज्यादा हुई उनमें क्रेटा, इलीट आई 20 और ग्रैंड आई 10 प्रमुख हैं।”

वहीं, इस दौरान टाटा मोटर्स ने पिछले महीने कुल 53,057 वाहनों की बिक्री की जानकारी दी है जबकि मार्च 2015 की अवधि में कुल 52,479 वाहनों की बिक्री हुई थी।

वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान टाटा मोटर्स के कुल 5,11,711 वाहनों की बिक्री हुई जो कि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 2 फीसदी अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने कुल 5,01,281 वाहनों की बिक्री की थी।

टाटा मोटर्स के यात्री कारों की बिक्री में जहां ज्यादा तेजी नहीं दिखी वहीं, इसके वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया।

ऑटोमोबाइल निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि मार्च में उसकी कुल बिक्री में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है।

इस अवधि में कंपनी ने कुल 52,718 वाहन बेचे जो कि पिछले साल की इसी अवधि में 45,124 इकाई थी।

कंपनी के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में उसकी कुल बिक्री में 6 फीसदी का इजाफा हुआ और यह 4,94,098 इकाई रही।

एमएंडएम के अध्यक्ष सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ऑटोमोबाइल) प्रवीण शाह ने बताया, “हमने विभिन्न चुनौतियों के बावजूद मार्च में कुल 17 फीसदी और पिछले वित्त वर्ष में 6 फीसदी की वृद्धि दर प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की।”

शाह ने बताया कि अगले हफ्ते जारी होने वाली मुद्रा नीति में अगर ब्याज दरों को घटाया जाता है तो उससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र को लाभ होगा और यह वित्त वर्ष 2016-17 में भी अपनी रफ्तार को बनाए रखने में सफल होगी।

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