Current Crime
स्पोर्ट्स

पहले रहा चयनकर्ता अब टीम में शामिल

मुम्बई। राष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले ही बिहार क्रिकेट बोर्ड विवादों में आ गया है।राज्य संघ ने विजय हजारे ट्रॉफी के लिए जिस टीम को का चयन किया है उसमें एक चयनकर्ता को शामिल करने को लेकर विवाद उठा है। स्पिनर प्रज्ञान ओझा की कप्तानी वाली सीनियर टीम को लेकर हितों के टकराव के कई आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन इनमें आशीष सिन्हा के चयन ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।
अठाईस वर्षीय आशीष पटना सेंट्रल के विधायक अरुण कुमार सिन्हा के बेटे हैं और उन्होंने 2010 में झारखंड की तरफ से राजस्थान के खिलाफ एक रणजी मैच खेला था जिसमें 16 और 12 रन बनाए थे। वहीं आशीष को जून में अंडर-23 राज्य टीम ट्रायल्स के लिए एक चयनकर्ता नियुक्त किया गया था। इन ट्रायल्स का आयोजन बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) ने किया था। असल में इस साल आठ जून को उन्होंने कटिहार, अररिया, भागलपुर, किशनगंज, पूर्णिया, बांका और जमुई जिलों के लिए अंडर-23 क्षेत्रीय चयनकर्ता की भूमिका निभायी थी।
वहीं बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष गोपाल बोहरा ने भी आशीष के चयन का बचाव किया। बोहरा ने कहा, ‘यह अस्थायी चयन समिति थी और आशीष उसका हिस्सा था। वह अच्छा क्रिकेटर है। इसके अलावा जब हम 18 साल बाद वापसी कर रहे हैं तो हमें कप्तान प्रज्ञान ओझा के अलावा कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत है। आशीष अनुभवी खिलाड़ी है और रणजी ट्रॉफी का एक एक मैच खेल चुके हैं। वह सीनियर खिलाड़ी और इसलिए उन्हें चुना गया हैं।’

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: