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ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

पंचायत चुनाव की तकरार धौलाना में शुरू हुई वॉर

गाजियाबाद। हापुड़ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव का फाइनल हो चुका है और फाइनल में सपा समर्थित प्रत्याशी विजयी भी साबित हो चुकी हैं। सपा को मिली इस जीत ने कईयों की राजनीति को ठंडे बस्ते में डाल दिया है तो कई नेताओं के लिए पंचायत अध्यक्ष की हार जीत ने कई दरवाजे खोल दिए हैं। पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा और भाजपा की साख जुड़ी हुई थी और दोनों ही दलों के बड़े नेताओं की नजरे इस चुनाव में थी, लेकिन चुनाव में एक वोट के अंतर मिली हार ने भाजपाईयों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। अब हार का ठीकरा एक दूसरे के सिर फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है और अब किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मुनिंद्र शिशोदिया ने अध्यक्ष चुनाव के पूरे एपीसोड़ को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने पेश कर दिया है और हार की ठीकरा धौलाना विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़े भाजपा प्रत्याशी वाईपी सिंह के सिर फोड़ दिया है, वहीं वाईपी सिंह ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि चुनाव में जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई उसका उन्होंने शतप्रतिशत रूप से निर्वाहन किया, अब कोई आरोप लगा रहा है तो इसमें क्या किया जा सकता है।
हापुड़ जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर सपा और भाजपा में कड़ी टक्कर बनी हुई थी। सपा की ओर से सपा के वरिष्ठ नेता सतपाल चौधरी ने रजनीलता खटीक को चुनाव मैदान में उतारा था, वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाजपा कार्य समिति के सदस्य राजेंद्र तेलवाले की धर्मपत्नी अमृता सिंह चुनाव लड़ रही थी। पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर दोनों ही तरफ से कांटे की टक्कर थी और एक वोट से सपा समर्थित रजनीलता खटीक विजयी साबित हुई। चुनाव में मिली हार के बाद भाजपाईयों ने इसका मंथन शुरू कर दिया है और क्षेत्रीय अध्यक्ष किसान मोर्चा मुनिंद्र शिशोदिया ने चुनाव का पूरा रिकार्ड गृहमंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष रख दिया है।
बीते वीरवार को हुए पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एवं गाजियाबाद सांसद वीके सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष राजा वर्मा समेत कई भाजपाई मौके पर उपस्थित रहे। वहीं पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने भी राजेंद्र तेलवाले की धर्मपत्नी अमृता सिंह को पंचायत सदस्य बनाने से लेकर अध्यक्ष चुनाव के अंत तक कड़ी मेहनत की थी जो रंग न ला सकी। हापुड़ जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मिली करारी हार का इफेक्ट धौलाना विधानसभा सीट पर देखने को मिलेगा। धौलाना विधानसभा सीट पर वाईपी सिंह एक बार चुनाव लड़ चुके हैं, और वर्ष-2017 को लेकर भी श्री सिंह तैयारी में जुटे हुए हैं। वाईपी सिंह के साथ मुनिंद्र शिशोदिया भी धौलाना सीट के उम्मीदवार बताये जाते हैं। पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी में इसका मंथन शुरू हो गया है। मंथन इस बात पर किया जा रहा है कि सपा नेता सतपाल यादव की राजनीति को ध्वस्त करने में दोनों नेता नाकामयाब रहे हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में विधानसभा स्तर पर भी देखने को मिल जायेगा।

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