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कांग्रेस के सामने वजूद की चुनौती

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस का सूपड़ा धीरे धीरे साफ हो रहा है। उत्तर प्रदेश में उसने दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के बाद सपा से हाथ मिलाया। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी ने टीम पीके की सलाह पर परिवर्तन यात्रा भी निकाल ली मगर कांग्रेस यहां महज 7 सीटों पर सिमट कर रह गई। अब दिल्ली एमसीडी चुनाव के नतीजे भी आ गये हैं। इन पूरे हालातों को देखकर कहा जा सकता है कि कांग्रेस इस समय सियासी वैंटीलेटर पर है। उसके पास ना विधायक हैं और ना ही नेता। बचे कुचे कार्यकर्ता भी धीरे धीरे अन्य दलों की ओर रूख कर रहे हैं। अब दिल्ली एमसीडी चुनाव के बाद दिल्ली से सटे गाजियाबाद में निगम चुनाव होने हैं।
यहां नगर निगम के 100 वार्डो के पार्षद के लिए और मेयर पद के लिए जनता अपना प्रतिनिधि चुनेगी। सभी दलों में इस चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं एक कांग्रेस ऐसी पार्टी है जहां सरगर्मी तो छोड़ो कोई दावेदार भी दिखाई नहीं दे रहा है। ये वहीं गाजियाबाद है जहां से कांग्रेस के विधायक भी रहे हैं और सांसद भी रहे हैं। कांग्रेस के सामने निगम चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती खुद के वजूद समेटे रखने की है। उसके एक दर्जन के आसपास पार्षद दूसरे दलों में चले गये हैं। अब जब वार्ड चुनाव की बारी आई है तो कांग्रेस के पास बूथ स्तर के भी नेता नहीं हैं। पुराने कांग्रेसी इस हालत को देखकर मानते हैं कि यहां 100 वार्डो में कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही मिल जायें तो गनीमत समझो। कांग्रेस को जब मेयर पद के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे तो मौहल्लों में वार्ड पार्षद के लिए कहां से मिल जायेंगे। कांग्रेस में दिल्ली एमसीडी चुनाव के नतीजे आने के बाद खासा माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कांग्रेस के बिगड़े हुए हालातों में अब कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के सामने सभी 100 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारना चुनौती रहेगा, वहीं मान सम्मान के साथ जीत दज कराने का दबाव भी कांग्रेसियों पर रहेगा।

निगम चुनाव को लेकर कांग्रेसियों ने किया मंथन
कांग्रेस के महानगर कार्यालय पर निगम चुनाव को लेकर एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेसियों ने आपस में मंत्रणा की और योजनाबद्ध तरीके से चुनाव लड़ने पर बातचीत भी की। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि पार्टी निगम चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी और चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवारों को टिकट दिए जाएंगे। किसी भी सिफारिशी नेता को टिकट नहीं दिया जायेगा, जो जमीन पर मजबूत होगा उसको टिकट देने का काम किया जायेगा। कंपनी बाग स्थित कांग्रेस महानगर कांग्रेस कार्यालय पर हुई बैठक में सभी वक्ताओं ने मजबूत प्रत्याशियों को टिकट दिए जाने की वकालत की। इस मौके पर सतीश त्यागी, पूर्व पार्षद सुनील शर्मा, कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष मायादेवी, मनोज शर्मा, सलीम सैफी, इस्माईल खान, वीरसिंह जाटव, बाबूराम शर्मा समेत अनेक कांग्रेसी नेताओं ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कहा है कि पार्षदों का चयन 11 सदस्यीय कमेटी करेगी जिसकी सूची तैयार कर शीर्घ ही लखनऊ नेतृत्व को भेज दिया जायेगा।

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