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मंत्री जी के सामने भाजपाईयों ने ही रख दी जिला गाजियाबाद की हकीकत

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भाजपा जब विपक्ष में थी तो बलदेव राज शर्मा से लेकर अनिल स्वामी तक वो नेता हैं जिन्होंने विपक्ष में रहकर भाजपा का झंडा बुलंद किया है। बलदेवराज शर्मा उन भाजपा नेताओं में हैं जिन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर मोदी युग तक भाजपा को देखा है। जब राजनाथ सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब वह उनके सांसद प्रतिनिधि रहे हैं। अनिल स्वामी ऐसे भाजपा नेता हैं जिनके नाम यूपी में निर्विरोध पार्षद निर्वाचित होने का रिकार्ड है। वो भी तब जब यूपी में सत्ता समाजवादी पार्टी की थी। राजेंद्र त्यागी को नगर निगम का एनसाइक्लोपीड़िया कहा जाता है। अपने वार्ड से वह एक छत्र नेता हैं और निगम में उनकी सबसे अलग छवि है। सत्ता आने के बाद छह महीने में ही नये भाजपाईयों ने जो कल्चर शुरू किया उसे लेकर इन पुराने और समर्पित भाजपाईयों के मन में पीड़ा है। जब नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सीनियर भाजपा नेताओं से सरकार और जनपद के पुलिस प्रशासनिक मिजाज के बारे में पूछा तो उनकी जुंबा पर दिल की बात आ गई।
मंत्री की देरी पर नाराज हुए बलदेवराज शर्मा
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की जब कार्यक्रम स्थल पर एंट्री हुई तो बलदेवराज शर्मा ने सबसे पहले अपने संबोधन के माध्यम से नाराजगी जताई। जब मंत्री सुरेश खन्ना ने उनसे पूछा कि क्या चल रहा है तो बलदेवराज शर्मा ने कहा कि हमें आपसे और संगठन दोनों से शिकायत है। जब आप एक बजे आ रहे हो तो कार्यकर्ताओं को दस बजे क्यों बुलाया। आखिर कार्यकर्ता तीन घंटे किस लिए मंत्री का इंतजार करेगा। भाजपा अनुशासित पार्टी है और इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
राजेंद्र का गंभीर मुद्दा
नगर निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी ने मंत्री के समक्ष यूं तो कई सवाल खड़े किए, लेकिन उन्होंने सबसे पहले कहा कि जब सरकार हमारी है तो फिर क्यों मनोनीत पदों के सजृन करने में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का गठन हो गया है और पार्टी के कार्यकर्ताओं को मनोनीत पार्षद और जीडीए बोर्ड सदस्य की नियुक्तियां की जानी चाहिएं। आखिर इसमें देरी क्यों हो रही है।
महामंत्री ने कहा चोरी हुई मंडल अध्यक्ष की बाईक
महानगर महामंत्री मानसिंह गोस्वामी ने कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुरेश खन्ना के समक्ष पुलिस की अनुशासनहीनता का मुद्दा उठाया। मानसिंह गोस्वामी ने कहा कि पुलिस को कई कई बार फोन किए जाते हैं लेकिन पुलिस भाजपा नेताओं की सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने अपने साथ आये विनोद कसाना को दिखाते हुए कहा कि यह हमारे मंडल अध्यक्ष विनोद कसाना हैं। इनकी बाईक चोरी हो गई और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
रोज लुटती है यहां चेन
नीरू शर्मा भाजपा नेता हैं। ये वहीं नीरू शर्मा हैं जिन्होंने सदस्यता अभियान में सबसे अधिक काम किया था और इस उपलब्धि पर सुनील बंसल ने उनकी पीठ थपथपाई थी। नीरू शर्मा ने मंत्री के सामने ही कानून व्यवस्था को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि मैं इंदिरापुरम क्षेत्र में रहती हूं और इस इलाके में रोजाना तीन या चार महिलाओं की चेन लुट जाती है। आधे मामलों में तो पुलिस रिपोर्ट ही दर्ज नहीं करती है।
जनप्रतिनिधियों ने करा दिया मंत्री जी को लेट
कार्यकर्ता इंतजार करते रहे और पता चला कि मामला संगठन बनाम जनप्रतिनिधि हो गया। मंत्री सुरेश खन्ना को सबसे पहले मेयर अशु वर्मा ने कैप्चर कर लिया। जब नगर विकास मंत्री को बैठक में पहुंचना था तो उसी समय मेयर अशु वर्मा उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क ले गये। यहां जो भी काम हो रहा है वह विज्ञान विभाग की ओर से हो रहा है लेकिन पता नहीं अशु वर्मा मंत्री सुरेश खन्ना को मुखर्जी पार्क में कौन का काम दिखाकर क्रेडिट लूटना चाहते थे। वह जब उन्हें पार्क ले गये तो कार्यक्रम का शैडयूल बिगड़ गया। खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग भी कार्यक्रम से पहले मंत्री सुरेश खन्ना को नाश्ते की टेबल पर अपने आवास ले गये। उन्होंने मंत्री सुरेश खन्ना को नाश्ते का निमंत्रण दिया और सुरेश खन्ना अतुल गर्ग के निवास पर नाश्ता करने पहुंच गये। यहीं कारण देरी का बना। मुलाकात कार्यकर्ताओं को करनी थी और मुलाकात के जाल में जनप्रतिनिधि को जनप्रतिनिधियों ने ही उलझा दिया।

जब अनिल स्वामी ने कहा कि डीएम ही फोन नहीं उठाती
नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद अनिल स्वामी ने अपनी बात को सीधे और स्पष्ट लहजे में कहने के लिए जाने जाते हैं। वह नगर निगम में अपनी अलग पहचान रखते हैं। वह जनता के नेता हैं और आधी रात को भी यदि कोई मद्द मांग ले तो पीछÞे नहीं हटते। सरकार आई ही थी और जिलाधिकारी निधि केसरवानी थी। अनिल स्वामी को रात के डेढ़ बजे किसी व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उसके परिजन जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती हैं। मामला गंभीर था और अनिल स्वामी ने रात में ही जिलाधिकारी निधि केसरवानी को फोन मिलाया। डीएम पद पर आसीन निधि केसरवानी ने रात के दो बजे भी फोन उठाया था और पूरी बात सुनी और एमएमजी में डाक्टरों को उपचार के निर्देश दिए थे। अब जब शुक्रवार को मंत्री सुरेश खन्ना ने अनिल स्वामी से पूछा तो उन्होंने बताया कि हम पार्षद हैं, हमारी सरकार है और जब हम आज डीएम को फोन मिलाते हैं तो वह फोन ही रिसीव नहीं करती हैं।

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