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तेलंगाना, आंध्र में सरकारी बसें सड़कों पर नहीं उतरीं

हैदराबाद| तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन निगम की करीब 20 हजार बसों का संचालन एक लाख से अधिक परिवहन कर्मियों की हड़ताल के कारण बुधवार को ठप है। (bus strike in andhra pradesh) लंबी दूरी और शहर के अंदर सेवा देने वाली बसों का संचालन ठप रहने से यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

आंध्र प्रदेश में आंध्र प्रदेश परिवहन निगम सेवा (एपीएसआरटीसी) की 10,576 बसें और तेलंगाना में 9,370 बसें बस अड्डों से बाहर नहीं निकलीं।

इस दौरान विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, पर्यटकों और तिरुपति के श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

आधी रात से हड़ताल पर डटे कर्मचारी वेतन को दोनों राज्यों में राज्य सरकार के अन्य विभाग के कर्मचारियों के वेतन के समान किए जाने की मांग कर रहे हैं।

एपीएसआरटीसी प्रबंधन ने मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि संगठन की माली हालत उतनी अच्छी नहीं है और दोनों राज्यों के लिए इसका विभाजन किया जा रहा है।

प्रबंधन ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों के सहारे सेवा संचालित करने की कोशिश कर रहा है। इसके कारण कुछ स्थानों पर ठेका कर्मियों और हड़ताली कर्मचारियों के बीच संघर्ष भी हुआ।

बुधवार को हैदराबाद में महात्मा गांधी बस अड्डे पर वीरानी छाई रही।

महात्मा गांधी बस अड्डा, सिकंदराबाद में जुबली बस अड्डा तथा विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति तथा अन्य स्थानों के बस अड्डों पर सेवा बाधित रही और लोगों को पेरशानी हुई।

ग्रेटर हैदराबाद में करीब 3,500 बसों का संचालन नहीं हुआ।

एपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक एन. संबाशिवा राव ने कहा कि सिर्फ बस किराया को 15-20 फीसदी बढ़ाने से वेतन बढ़ाने की मांग पूरी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि संगठन का 14 मई से दोनों राज्यों के लिए दो इकाइयों में विभाजन होने वाला है, इसलिए भी यह मांग अभी पूरी नहीं की जा सकती है।

तेलंगाना के परिवहन मंत्री महेंद्र रेड्डी ने कर्मचारियों से अपील की है कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए वे हड़ताल वापस ले लें। उन्होंने साथ ही कहा कि आरटीसी सेवा को आंशिक तौर पर संचालित करने की कोशिश कर रहा है।

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