एथेनॉल पर सरकारी समर्थन की आशा से शुगर स्टॉक्स 20 फीसदी तक उछला

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मुंबई (ईएमएस)। शुगर इंडस्ट्री को लिए एक अच्छी खबर है सोमवार को इन कंपनियों के स्टॉक्स आकर्षण का केंद्र रहे। सुस्त बाजार में इनके स्टॉक्स 20 फीसदी तक उछल गए। माना जा रहा है कि सरकार एथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठा सकती है। उत्तम शुगर मिल्स का स्टॉक 20 फीसदी उछलकर 160.90 पर बंद हुआ। डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, बजाज हिंदुस्तान शुगर और श्री रेणुका शुगर्स का भाव 5 से 17 फीसदी तक उछल गया। इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा ने कहा, हालिया एथेनॉल पॉलिसी सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। यह उन्हें गन्ने से सीधे चीनी या एथेनॉल बनाने का ऑप्शन मिलेगा। सरकार ने हाल ही में इसका दाम 25 फीसदी बढ़ा दिया है। ज्यादा एथेनॉल उत्पादन होने पर शुगर इनवेंटरी में एडजस्टमेंट होगा और चीनी के दाम में तेजी आएगी। एथेनॉल गन्ने के रस और शीरे के फरमेंटेशन से बनता है। एनालिस्टों का यह भी कहना है कि शुगर मिलों को ब्राजील के एक्सपोर्ट में गिरावट आने से भी फायदा होगा। वहां भी चीनी से ज्यादा एथेनॉल का उत्पादन हो रहा है, जिससे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की सप्लाई घट सकती है।
आईआईएफएल सिक्यॉरिटीज के वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट अकुल ब्रोचवाला कहते हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी आने से इंडियन शुगर मिलों को अपना स्टॉक वहां डंप करने में मदद मिल सकती है। यह सेंटीमेंट के लिहाज से शुगर मिल कंपनियों के लिए पॉजिटिव है। सरकार ने पेट्रोल में मिलाने के लिए सीधे गन्ने से बनाए गए एथेनॉल के दाम में सितंबर में 25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। अकुल ने कहा, सरकार 2030 तक पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग का लेवल 20 फीसदी तक ले जाना चाहती है। उसने शुगर मिलों को एथेनॉल डिस्टिलरी लगाने के लिए रियायती लोन देने की योजना बनाई है। हालांकि इस बारे में एनालिस्टों की राय बंटी हुई है कि क्या शुगर स्टॉक्स में तेजी लंबे समय तक बनी रहेगी? शुगर स्टॉक्स में पिछले एक हफ्ते से तेजी बनी हुई है जिसमें उत्तम शुगर का भाव 68 फीसदी तक उछल चुका है। हालांकि शुगर मिलों के स्टॉक्स अब भी पिछले साल के हाई लेवल से 20 से 50 पर्सेंट तक नीचे हैं। अकुल ने कहा, मुझे नहीं लगता कि तेजी बनी रहेगी क्योंकि अभी इन फैक्टर्स को फ्यूचर ट्रेंड के अनुमान के लिए पैमाना नहीं माना जा सकता। उसमें वक्त लगेगा। 2018-19 में भी रिकॉर्ड उत्पादन होने के चलते डोमेस्टिक शुगर मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।