सीएम के तेवर से पंचम तल में हलचल

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मुख्य सचिव आलोक रंजन की समीक्षा बैठक में सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पहुंचना और तमाम अधिकारियों को सुधर जाने की हिदायत देने से प्रशासनिक महकमें में हलचल है। (ghaziabad latest news) पंचम तल के सूत्रों की माने तो सीएम ने जीरो टोलरेंस की पॉलिसी पर काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री यादव ने ऐसे आइएएस और पीसीएस अधिकारियों की सूची बनबानी शुरू कर दी है, जो महज कागजी गुणाभाग के खेल में प्रमुख प्रशासनिक पदों पर जमे हुए बैेठे हैं। सूत्रों का कहना है कि सपा के पदाधिकारियों जिन्हें सीएम की गुडबुक में स्थान प्राप्त है, वह जहां निष्क्रय अधिकारियों का कच्चा चिठ्ठा तैयार करने में लग गये हैं, वहीं कौन अधिकारी खुद को मजबूत करने के लिए किन किन आर्थिक व्यवस्थाओं में व्यस्त है उनका भी डाटा तैयार किया जा रहा है। चर्चा है कि पंचायत चुनावों के बाद व्यापक स्तर पर कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के विकेट गिरेंगे, और ये ऐसे अधिकारी होंगे जो खुद को सरकार और समाजवादी पार्टी की बेहद नजदीकी बताते हैं। जिन जादुई आंकडों के सहारे अधिकारी शासन को चकमा देने की कार्यवाही में लगे हुए हैं, ऐसे अधिकारियों के तो नाम शार्ट लिस्ट कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आकास्मिक दौरों की चर्चा भी अब सुनाई देने लगी है। पंचायत चुनावों के बाद सीएम किसी भी जिले का औचक दौरा करेंगे। जहां है जैसा है की स्थिति के आधार पर अधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा, और मौके पर ही सख्त कार्यवाही भी की जायेगी। मोटे बजट वाले के आडिट भी किसी भी समय चालू हो सकते हैं। सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने एवं सरकारी बजट के सदुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष योजना तैयार करी है। चर्चा है कि इंटेलिजेंस भी अंदर खाने रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके नतीजे जल्द सामने आने वाले हैं। लंबे समय से मलाईदार सीटों पर जमे अधिकारियों के अब बुरे दिन आने वाले हैं। पंचम तल पर उठी यह सुगबुगाहट हल्के में नहीं ली जा सकती। क्योंकि सीएम के नेतृत्व में जितना विकास प्रदेश स्तर पर हो रहा है उसका संदेश अधिकारी उस लिहाज से नहीं दे पाये हैं। धन्यवाद! मनोज गुप्ता