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स्टर्लिग बायोटेक : ईडी ने अहमद पटेल से चौथी बार पूछताछ की

नई दिल्ली | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुजरात स्थित स्टर्लिग बायोटेक और संदेसरा बंधुओं द्वारा करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में गुरुवार सुबह वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल से उनके आधिकारिक आवास पर चौथे दौर की पूछताछ की। ईडी की टीम में एक जांच अधिकारी और दो अन्य शामिल रहे। ईडी का यह तीन सदस्यीय दल पटेल के 23, मदर टेरेसा क्रीसेंट आवास पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचा। इस दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में उनका बयान दर्ज किया गया।
इससे पहले कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष से इस मामले के संबंध में दो जुलाई को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा राज्यसभा सांसद से 27 जून और 30 जून को भी पूछताछ की गई थी। दो जुलाई को हुई पूछताछ के बाद, पटेल ने मीडिया को बताया था कि ईडी जांचकर्ताओं ने तीन सत्रों में 128 से अधिक प्रश्न किए। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर हमला बोलते हुए पटेल ने कहा, यह मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध और उत्पीड़न है और मुझे नहीं पता कि वे (जांचकर्ता) किसके दबाव में काम कर रहे हैं। ईडी ने अब तक पटेल से उनके घर पर कुल 27 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है। क्योंकि पटेल ने कोरोनावायरस संक्रमण के कारण वरिष्ठ नागरिकों के बाहर नहीं निकलने के दिशा-निर्देश का हवाला देते हुए ईडी कार्यालय जाने से मना किया था। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय जांच एजेंसी वड़ोदरा स्थित फार्मास्युटिकल फर्म के मालिकों और प्रवर्तकों संदेसरा बंधुओं (चेतन जयंतीलाल संदेसरा और नितिन जयंतीलाल संदेसरा) के साथ उनके संबंधों को समझना चाहती है। ईडी कांग्रेस नेता और संदेसरा भाइयों के बीच हुए लेन-देन के तरीके को समझना चाहती है। पिछले साल ईडी ने पटेल के बेटे फैसल पटेल से संदेसरा बंधुओं के साथ उनके संबंधों के बारे में पूछताछ की थी। संदेसरा समूह के एक कर्मचारी सुनील यादव के बयान के संदर्भ में फैसल से पूछताछ की गई, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता का बेटा अपने दोस्तों को एक पार्टी के लिए एक फार्म हाउस में ले गया और सभी खर्च चेतन ने वहन किए। ईडी को संदेह है कि फैसल और उसका बहनोई इरफान सिद्दीकी संदेसरा भाइयों के करीबी हैं। पिछले साल 30 जुलाई को ईडी ने जांच के सिलसिले में पटेल के दामाद और अधिवक्ता इरफान सिद्दीकी से पूछताछ की थी। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यादव ने आरोप लगाया कि सिद्दीकी और फैसल को चेतन संदेसरा द्वारा कोड नाम दिए गए थे। उसने बताया, चेतन और गगन ने सिद्दीकी को इरफान भाई के रूप में संदर्भित किया। यादव ने बताया कि इरफान का कोड नाम ‘आई2’ और फैसल का ‘आई1’ था। यादव ने यह भी बताया कि फैसल अपने दोस्तों को एक पार्टी के लिए पुष्पांजलि फार्म में ले गया और सभी खर्च चेतन संदेसरा द्वारा वहन किए गए थे। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके खिलाफ 5,700 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी के एक मामले के बाद अगस्त 2017 में संदेसरा भाइयों और अन्य के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला दर्ज किया था।

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