मनमोहन ने की जस्टिस वर्मा के फैसले की आलोचना, हिंदुत्व को बताया था जीने का तरीका औवेसी के मुकाबले में धरती पुत्र को मैदान में उतारेगी बीजेपी एयर सेफ्टी ऑडिट में म्यांमार, पाक और नेपाल से भी पीछे भारत पंजाब के राज्यपाल और राजनाथ सिंह की बहू ने जीते रजत पदक जुलाई में रोजगार के करीब 14 लाख नए अवसर सृजित हुए: सीएसओ रिपोर्ट दो भारतीय बहनों ने लगाई प्रदर्शनी, बिक्री से होने वाली आय केरल बाढ़ पीड़ितों को देंगी दान ट्रूपिंग द कलर परेड में शामिल पहले सिख सैनिक ने लिया कोकीन – कोकीन होने की पुष्टि के बाद उन्हें पद से हटाया जा सकता है क के बोर्ड ने विलय को दी मंजूरी इस वर्ष सरकारी बैंक कर सकते हैं फंसे कर्ज की वसूली: वित्त मंत्रालय – 1.8 लाख करोड़ रुपए की वसूली होने का अनुमान ओपेक ने क्रूड उत्पादन बढ़ाने से ‎किया इंकार – और उछल सकते हैं पैट्रोल-डीजल के दाम
Home / उत्तर प्रदेश / महागठबंधन में कांग्रेस का हाथ झटकने की तैयारी में सपा-बसपा?

महागठबंधन में कांग्रेस का हाथ झटकने की तैयारी में सपा-बसपा?

लखनऊ (ईएमएस)। गत दिनों पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा आयोजित भारत बंद में सपा-बसपा के शामिल न होने से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों पार्टियां अंदर ही अंदर कुछ अलग तैयारी कर रही हैं। कयास ये लग रहा है कि दोनों पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का हाथ झटकने की तैयारी में हैं।
अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पहले यह कयास लगाया जा रहा था कि उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा का गठबंधन हो सकता है, इसमें रालोद और कांग्रेस भी शामिल होगी। मगर बंद के बाद मायावती ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए भाजपा के साथ कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया। इससे लगता है कि आपसी गठबंधन में कांग्रेस को साथ नहीं लेना चाहती है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने ही यूपीए-2 के शासन काल में पेट्रोल को सरकार नियंत्रण से मुक्त कराने का फैसला था। इसके बाद केन्द्र में बनी भाजपा सरकार ने उसी आर्थिक नीति को आगे बढ़ाया, इसलिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मूल्य वृद्धि के लिए जिम्मेदार है।
उत्तर प्रदेश में हुए लोकसभा उपचुनावों में सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद गठबंधन की जीत से स्पष्ट हुआ था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में यही गठबंधन भाजपा को पटखनी देगा। मगर मायावती ने जिस तरह कांग्रेस को कोसा उससे बसपा का नया रुप दिखाई दिया। मायावती के बयान के बाद राहुल गांधी खुलकर विपक्षी गठबंधन की पैरवी कर रहे हैं। मगर सपा-बसपा की योजना में कांग्रेस फिट नहीं बैठ रही है और कांग्रेस से दूरी बनाने के पक्ष में हैं। सपा-बसपा उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर खुद चुनाव लड़ना चाहती है और कांग्रेस को 5-7 सीटें देने के पक्ष में है।

Check Also

चीनी मिलों को सस्ता कर्ज उपलब्ध कराएगी उत्तर प्रदेश सरकार

लखनऊ (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की चीनी मिलों को राष्ट्रीयकृत एवं अन्य बैंकों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *