सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में अंतिम दलीलों की सुनवाई तीन दिसम्बर से

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मुंबई (ईएमएस)। गुजरात के बहुचर्चित सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक विशेष अदालत में सुनवाई होने वाली है। अदालत सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में अंतिम दलीलों की सुनवाई तीन दिसम्बर से करेगी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश एसजे शर्मा ने शुक्रवार को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत आरोपी के बयानों को दर्ज करने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया। धारा 313 के तहत, गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद अभियुक्त को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका मिलता है। बचाव पक्ष के वकीलों ने जब ये कहा कि वे स्वयं से किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं करेंगे तो न्यायाधीश ने अंतिम दलीलों के शुरू करने के लिए तीन दिसंबर की तारीख मुकर्रर कर दी।
अभियोजन पक्ष ने 210 गवाहों से पूछताछ की, जिनमें से 92 गवाह बात से मुकर गए थे। सीबीआई के वकील बीपी राजू सबसे पहले अपनी दलील देंगे। कथित आतंकवादी संपर्क वाले गैंगस्टर शेख, और उसकी पत्नी कौसर बी का गुजरात विरोधी आतंकवाद दस्ते ने हैदराबाद से कथित तौर पर उस समय अपहरण कर लिया था जब यह दंपती महाराष्ट्र में सांगली जा रहा था। नवंबर 2005 में गांधीनगर के पास एक कथित फर्जी मुठभेड़ में शेख की हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी को कथित तौर पर बाद में मार दिया गया था।
माना जाता है कि शेख का सहयोगी प्रजापति इस मामले का चश्मदीद गवाह था। दिसंबर 2006 में गुजरात के बनासकांठा जिले के छपरी इलाके में गुजरात और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से मार डाला था। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के सीबीआई के अनुरोध पर इस मामले को सितंबर 2012 में मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया था। कथित फर्जी मुठभेड़ों में सीबीआई ने 38 लोगों पर आरोप लगाये थे जिसमें भाजपा प्रमुख अमित शाह (तत्कालीन गृहराज्य मंत्री) और पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारियों सहित 16 लोगों को बरी कर दिया गया। हालांकि 20 लोग मुकदमे का सामना कर रहे हैं।