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दिल्ली में अब तक कोरोना संक्रमित हुए 14 हजार पुलिसकर्मी, 77 की गई जान

नई दिल्ली। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में अबतक 77 पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं। पहली लहर में कोरोना का टीका नहीं था तब 32 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई थी। दूसरी लहर में जब टीका आ गया। पुलिस के फ्रंट वारियर्स की श्रेणी में आने के चलते अधिकतर कर्मियों ने कोरोना के टीके की पहली व कुछ ने दूसरी डोज लगवा ली थी। तब की स्थिति में भी 45 कर्मियों का निधन हुआ। कोरोना की दूसरी लहर बेहद खतरनाक है। इसमें लोग जहां संक्रमण से बचने के लिए अपने-अपने घरों में कैद रहे। वहीं, दिल्ली पुलिस शहर की कानून व्यवस्था संभालने के साथ लोगों को लाकडाउन का पालन कराने, जरुरतमंदो को उपचार संबंधी सहायता प्रदान करने, अस्पतालों को आक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ ही कोरोना से संबंधित दवाई व चिकित्सा उपकरण मुहैया कराने के बहाने ठगी करने वालों की धर पकड़ आदि कई जिम्मेदारियां निभाने के कारण बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी संक्रमण की चपेट में आते गए। पुलिस प्रवक्ता डीसीपी चिन्मय बिस्वाल का कहना है कि कर्तव्यों के निर्वहन में बड़ी संख्या में कर्मियों की जान चली गईं। पहली बार पुलिस लोगों का दिल व विश्वास जीतने में कामयाब रही, जिससे दिल्ली पुलिस दिल की पुलिस बन गई। कोरोना काल में पुलिस के कार्यो की लोगों ने खूब सराहना की।

दिल्ली पुलिस के आंकड़े को देखें तो पिछले साल से अब तक करीब 14 हजार कर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 13,506 ठीक हो गए। 184 अभी संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने पुलिसकर्मियों में संक्रमण के बढ़ते ही पिछले साल उनके बेहतर इलाज व संक्रमण से बचने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया था। इस साल पुलिस कर्मियों के लिए तीन आइसोलेशन सेंटर भी खोले गए। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के परिवार के कल्याण के लिए आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने इस साल कई बड़े व ऐतिहासिक कदम उठाए। दिल्ली पुलिस को एक्सिस बैंक से तनख्वाह मिलती है। आयुक्त ने बैंक अधिकारियों के साथ कई बार बीमा को लेकर अपने आला अधिकारियों के साथ बैठक की। बैंक से पुलिस परिवार के कल्याण के लिए कई करार कराया गया। अब तक ड्यूटी के दौरान अगर किसी की हादसे में मृत्यु हो जाती थी तब बैंक से उनके परिवार को 10 से 15 लाख रुपये मिल पाता था। लेकिन अब नया करार के मुताबिक ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो जाने अथवा दुर्घटना में पूरी तरह अपंग होने पर परिजनों को बैंक से 78- 78 लाख रुपये मिलेंगे। यह व्यवस्था अब से पहले नहीं थी। पुलिस परिवार के कल्याण के आयुक्त द्वारा उठाए गए इन कदमों को याद रखा जाएगा। 26 जनवरी से इस व्यवस्था को लागू किया गया। आयुक्त ने पत्र जारी कर सभी को इस बारे में जानकारी दी।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों की प्राकृतिक मौत होने अथवा बीमारी से निधन पर परिजनों को 28 लाख मिलेगा।कोरोना से मरने पर परिजन को एक सप्ताह के अंदर 28 लाख देने की व्यवस्था की गई है। दुर्घटना में आंशिक रूप से अपंग होने पर परिजन को 58.5 लाख दिया जाता है। दुर्घटना में मरने अथवा पूर्ण रूप से अपंग होने पर 12 से 22 साल के बच्चों की पढ़ाई के लिए भी 16 लाख रुपये दिए जाने की व्यवस्था बनी है। हाल में आयुक्त ने कई मीटिंग में कर्मियों से कहा कि वह कल्याण के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन उनके आते ही कोरोना काल शुरू हो गया, जिससे उन्हें वक्त नहीं मिल पाया।

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