सेल्फी नहीं, हेल्पी बनें

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सेल्फी के चलन ने देश-दुनिया में कई पैमानों को बदल दिया है। सेल्फी अब एक शौक नहीं, जुनून बन गया है। (ghaziabad hindi news) सोशल मीडिया पर जिसकी जितनी आकर्षक और लीक से हटकर सेल्फी होगी, उस पर ‘लाइक्स’ भी उतने ही ज्यादा आएंगे। सेल्फी के दीवाने अब ज्यादा से ज्यादा लाइक्स बटोरने की होड़ में कोई भी जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं। एक अदद ‘परफेक्ट’ सेल्फी खींचने के प्रयास में आज लोग हर जोखिम उठाने को तैयार हैं। मसलन, बाघ, चीते, हाथी, मैकाक के साथ सेल्फी, ऊंची एवं खतरनाक पहाड़ी चोटियों पर सेल्फी, समुद्र में सेल्फी, रेल के पुलों और यहां तक कि शार्क के साथ सेल्फी। सेल्फी की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भारत समेत दुनियाभर में सेल्फी के चक्कर में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नागपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कुही की एक झील में नाव पर सवार छात्रों के एक समूह द्वारा सेल्फी लेने के दौरान नाव संतुलन बिगड़ने से डूब गई। रूस में एक किशोर ने रेलवे पुल के ऊपर सेल्फी लेने की सोची, इस दौरान उसका पैर फिसला और वह नीचे जा गिरा, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक महिला ने कुछ अलग हटकर करना चाहा तो बंदूक के साथ सेल्फी खींचने की कश्मकश में बंदूक का ट्रिगर ही दब गया और उसे सेल्फी की कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। सिंगापुर में तो एक शख्स पहाड़ की चोटी पर सेल्फी खींचने में मगन था और अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे जा गिरा। बुल्गारिया में बुल रन के दौरान सांडों के साथ सेल्फी खींचना भी एक शख्स को महंगा पड़ा। ताजमहल के सामने एक जापानी पर्यटक के सेल्फी खींचने की घटना हर किसी को याद होगी, जिसमें सेल्फी खींचने के दौरान जापानी युवक सीढ़ियों से नीचे गिर गया था और बाद में अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। ऐसे अनेकों उदाहरण हैं जिसमें आदमी खुद की पब्लिसिटी के जुनून में अपनी जान गवा रहा है। हम सेल्फी लेने के फेर में सेल्फिश होते जा रहे हैं और आसपास हो रही छेड़खानी, लूट-चोरी, साम्प्रदायिक तनाव जैसे प्रमुख मुद्दों से हमने नजरें फेर ली हैं। जिंदगी में प्रचार पाने का मात्र तरीका सेल्फी नहीं है बल्कि आप किसी की मदद करके, यानि कि हैल्पी होकर भी अपना नाम बड़ा कर सकते हैं। इसके लिए बस सोच बदलने की जरूरत है। आप एक बार ऐसा करने की कोशिश करें तो फोटो खींचने वालों की आपके यहां लाइन लग जाएगी और यह शायद सेल्फी से तो बेहतर ही होगा। धन्यवाद! मनोज गुप्ता