328 फरार आतंकियों की देश भर में तलाश

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नई दिल्ली (ईएमएस)। फरार चल रहे 328 आतंकियों की देश भर में तलाश की जा रही है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के जरिए पुलिस अफसरों से पूरी जानकारी साझा की है। कानपुर में भी एडीजी, आईजी और एसएसपी को एक खुफिया पॉकेट डायरी भेजी गई है। इसमें इंडियन मुजाहिद्दीन, उल्फा और नक्सलियों समेत 12 से ज्यादा आतंकी संगठनों के सक्रिय सदस्यों का फोटो समेत ब्योरा है। अफसरों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर को लेकर हुए हालिया फैसले के बाद कई आतंकी संगठन सक्रिय हो गए हैं। वे 15 अगस्त के पहले किसी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं। इसलिए गृह मंत्रालय ने डायरी में दर्ज खूंखार आतंकियों के ब्योरे के आधार पर इन सभी की गिरफ्तारी के लिए सहयोग मांगा है। 15 अगस्त तक सघन अभियान चलाने के बाद सभी आला अफसरों से डायरी वापस ले ली जाएगी।
किस संगठन के कितने आतंकी सक्रिय
इंडियन मुजाहिद्दीन 14, लश्कर-ए-तोएबा 28, अंसार गजावत उलहिन्द कश्मीर 03, हिजबुल मुजाहिद्दीन 19, जैश-ए-मोहम्मद 04, सिमी 22, जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश 06, अलकायदा 06, आईएसआईएस 10, सिख टेररिस्ट 06, उल्फा 08, पीपुल्स रेवल्यूशनरी पार्टी ऑफ काग्लो पाक मणिपुर 06। इनके अलावा अन्य कई आतंकी भी सक्रिय हैं।
यूपी के आतंकियों से सबसे ज्यादा खतरा
आजमगढ़ का मिर्जा शादाब बेग, सरायमीर का मोहम्मद खालिद, मोहम्मद साजिद, शादाब अहमद, डॉ. शहनवाज आलम, अबू राशिद, मोहम्मद राशिद उर्फ सुल्तान, वासिक, फहद समेत यूपी के एक दर्जन आतंकियों से सबसे ज्यादा खतरा है। इसी तरह से कानपुर से पकड़े जा चुके कमरुद्दीन के साथी और जम्मू कश्मीर में छिपे ओसामा बिन जावेद, जहांगीर समेत तीन आतंकी किसी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। जैश-ए-मोहम्मद का ओवेश मलिक, गुजरात के रसूल खान, हमास पाकिस्तानी से भी खतरा है।

कानपुर रहा सिमी व नक्सलियों का गढ़
कानपुर सिमी का सबसे बड़ा गढ़ रहा है। यहां पर कई नक्सली पकड़े जा चुके हैं। डायरी में सिमी के सक्रिय सदस्यों में गुजरात के रफीक पटेल, पुणे के रिजवान अहमद, रायपुर के अजहर खान के नाम शामिल हैं। यहां वर्ष 2000 में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आतंकियों ने आर्य नगर चौराहे पर बम विस्फोट किया था। 2001 में हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। 2002 में मोहम्मद इमरान उर्फ मुन्ना पाकिस्तानी समेत कई आतंकवादी गिरफ्तार किए गए थे।