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एसडीएम साहब करें जिला मुख्यालय रेंज में ही निवास

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। सरकार ने अब एसडीएम और तहसीलदारों के लिए नियम जारी कर दिया है कि वह तहसील मुख्यालय की रेंज में ही अपना आवास सुनिश्चित करें। हालांकि यह नियम पहले से है लेकिन कुछ एसडीएम और तहसीलदारों के संबंध में शासन तक यह शिकायत पहुंची थी कि यह एसडीएम और तहसीलदार रोजाना हैड क्वार्टर छोड़ देते हैं। अब राजस्व परिषद की ओर से ही यह फरमान आ गया है कि तहसीलदारों और उप जिलाधिकारियों को तहसील मुख्यालय पर ही अपना आवास लेना होगा। इतना ही नहीं शासन ने जिले में तैनात सभी एसडीएम और तहसीलदारों से रिपोर्ट मांग ली है कि वर्तमान में वह कहां निवास कर रहे हैं। सरकार के निर्धारित फारमेट पर 20 फरवरी तक यह रिपोर्ट राजस्व परिषद को प्रमाण पत्र के रूप में भेजी जानी है।
राजस्व परिषद आयुक्त लखनऊ से जुड़े सूत्रों के अनुसार तहसीलदार और उप जिलाधिकारियों को सरकार द्वारा तहसील मुख्यालय पर ही आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य यही होता है कि कभी भी किसी समस्या या घटना के दौरान यह अधिकारी मुख्यालय पर मौजूद रहे और समस्या के त्वरित निस्तारण में अपनी भूमिका अदा करें। परिषद को सूचना मिली थी कि शासन के आदेशों के बाद भी कुछ एसडीएम और तहसीलदार अपने-अपने हैड क्वार्टर पर नहीं रह रहे है। इसके बाद इस बात का संज्ञान लिया गया तथा बताया भी गया कि मुख्यालय पर निवास नहीं करने से जहां जन समस्या के त्वरित निस्तारण में अनावश्यक देरी होती है, वही इस देरी के चलते शासन की छवि धूमिल होती है। अब शासन की ओर से प्रशासन के पास निर्देश आ गए है कि सुनिश्चित कर ले कि जनपद में तैनात उप जिलाधिकारी और तहसीलदार अपने हैड क्वार्टर क्षेत्र में ही आवास करेंगे।
यदि किन्हीं परिस्थितियों में उन्हें अपने मुख्यालय से बाहर जाना भी पड़ता है तो वह इसके लिए अपने विभाग अध्यक्ष से लिखित अनुमति प्राप्त करके ही जाएंगे। शासन ने अब सभी एसडीएम और तहसीलदारों से निर्धारित फारमेट में इस आशय का प्रमाण पत्र मांग लिया है कि वह तहसील रेंज में ही आवास कर रहे है।

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