ग़ाजियाबाद
“गाजियाबाद में AQI 400 पार, स्कूल 9 बजे से खुलेंगे, डीएम ने हाईब्रिड मॉडल की दी सलाह”
एक बार फिर गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जिससे शहरवासियों को गंभीर श्वसन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हवा में प्रदूषण स्तर बेहद खतरनाक होने के कारण, अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए हैं। इस बढ़ते प्रदूषण के बीच गाजियाबाद में स्कूलों के संचालन के बारे में भी फैसला लिया गया है। जिले के डीएम ने बताया कि इस हालत को देखते हुए, स्कूल सुबह नौ बजे से खुलेंगे और छात्रों को वायु प्रदूषण से बचाने के लिए हाईब्रिड मॉडल अपनाने की आवश्यकता है।
गाजियाबाद का AQI पहले ही खतरनाक स्तर को पार कर चुका है, और इसकी वजह से लोगों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। अधिकतर लोग घरों में बंद हैं और बाहर निकलने से बच रहे हैं। सर्दियों के मौसम में हवा में धुंध और धूल के कणों की मात्रा में अत्यधिक बढ़ोतरी हो गई है, जिससे सांस की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
डीएम ने इस संदर्भ में कहा कि जब AQI 400 के आसपास पहुंचता है, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से ज्यादा जोखिमपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इस दौरान, स्कूलों को सुबह नौ बजे से खोलने का फैसला लिया गया है, ताकि हवा में प्रदूषण का स्तर कुछ कम हो सके।
डीएम ने आगे कहा कि स्कूलों में बच्चों को बाहर खेलने और शारीरिक गतिविधियों से बचाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, स्कूलों में आंतरिक कक्षाओं के लिए हाईब्रिड मॉडल अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस मॉडल के तहत, जहां स्कूलों में बच्चे आएंगे, वहीं ऑनलाइन कक्षाएं भी चलेंगी, जिससे बच्चे घर से भी पढ़ाई कर सकेंगे। यह कदम बच्चों को प्रदूषण से बचाने और उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए उठाया गया है।
प्रदूषण पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने अन्य कदमों की भी योजना बनाई है। कूड़े की जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, निर्माण कार्यों को कुछ दिनों के लिए रोकने की भी योजना है, ताकि धूल की मात्रा को नियंत्रित किया जा सके। शहर में चलने वाली वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गाजियाबाद में इस समय हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है, और यदि ऐसा ही प्रदूषण स्तर बना रहा, तो स्वास्थ्य समस्याओं के मामले और बढ़ सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बाहर निकलते वक्त मास्क का इस्तेमाल करें और अधिक से अधिक समय घर के अंदर ही बिताएं। यह स्थिति शहर में और गंभीर हो सकती है, इसलिए अधिकारियों ने सभी से प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने की अपील की है।
समाप्ति में, डीएम ने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो भविष्य में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।