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उत्तर प्रदेश

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दो गुटों में बंट गए लोग, कई सोसाइटीज ने फैसले को सही बताया

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गाजियाबाद। करंट क्राइम। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए है। इसके बाद से ही इस फैसले पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। ज्यादातर लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया तो वहीं, कई ऐसे लोग भी है जो इस फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते। उनका मानना है कि कुत्तों को पकडकर शेल्टर होम्स में नहीं रखा जा सकता है। सरकार और जिला प्रशासन के पास ऐसा संसाधन नहीं है। वहीं, गाजियाबाद की कई हाउसिंग सोसाइटीज ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताया। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुत्तों से भय का माहौल खत्म होगा। लोगों को राह चलते राहत की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गाजियाबाद की केडीपी ग्रैंड सवाना सोसाइटी के निवासियों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। यह सोसाइटी लंबे समय से आवारा कुत्तों के उत्पात और हमलों से जूझ रही है।
स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं ने कुत्तों के हमलों के खिलाफ पहले भी प्रदर्शन और हड़ताल कर प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की थी। सोसाइटी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने हाल ही में जिलाधिकारी और नगर निगम को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

सोसाइटी में आवारा कुत्तों और पशु प्रेमियों के बीच का विवाद कोई नया नहीं है। कई बार यह टकराव सामाजिक तनाव का रूप ले चुका है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर निवासियों में आशा है कि स्थानीय प्रशासन जल्द कार्यवाही करेगा और उन्हें राहत मिलेगी।
स्थानीय प्रशासन की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद शेल्टर होम में शिफ्टिंग प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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उत्तर प्रदेश

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में किया न्यायालय परिसर का शिलान्यास, छह जिलों में बनेगा परिसर

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चंदौली। करंट क्राइम। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत यूपी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को दूसरे दिन जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली में 15 सौ करोड़ के न्यायालय परिसर का शिलान्यास किया। चंदौली पहुंचने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ पंकज मित्तल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल के साथ हाई कोर्ट इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी भी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा कि न्याय के लिए लड़ने वाले, जूझने वाले हमारे अधिवक्ता स्वयं दिन की रोशनी में खुले में बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के छह जनपदों में एक साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। ये जनपद हैं चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मेरा मानना है कि यह पहल भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होने वाला एक नया अध्याय सिद्ध होगी।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पास जब भी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्य आते हैं, उन्हें पूरा करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होती। हमारे पास इन कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है, क्योंकि यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो न्यायिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ व सुविधा संपन्न बनाना अनिवार्य है।

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उत्तर प्रदेश

मानवता हुई शर्मसार, मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने पहुंचा 8 साल का मासूम

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एटा। करंट क्राइम। एटा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अपनों की बेरुखी के बीच एक आठ साल का बच्चा अपनी मां के शव के साथ अकेला खड़ा रहा। पिता को पहले ही खो चुके इस मासूम को कंधे के लिए चार लोग तक नसीब नहीं हुए। जिसके बाद वह खुद मां का शव लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा।
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव का आठ साल का एक मासूम अपनी मां नीलम का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने जिला मुख्यालय पहुंचा।
दरअसल, एक साल पहले पिता की एचआईवी से मौत होने पर रिश्तेदारों और पडोसियों ने परिवार से दूरी बना ली थी। बच्चे के पास कोई सहारा नहीं बचा है। पुलिस ने अंतिम संस्कार और मदद का जिम्मा लिया।
इस घटना ने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर किया है। मासूम के पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी और मां गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। बच्चे ने अकेले ही फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली तक मां का इलाज कराया। पिछले आठ दिनों से वह मेडिकल कॉलेज में दिन-रात सेवा कर रहा था। मां की मौत के बाद जब कोई रिश्तेदार कंधा देने नहीं आया, तो यह छोटा सा बच्चा समाज की बेरुखी के बीच अकेला डटा रहा।
बच्चे का कहना है कि चाचा और अन्य रिश्तेदारों की नजर उसकी जायदाद पर है, लेकिन बीमारी के दौरान किसी ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया।

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बेटी के जन्म लेने की खुशी में 13 स्कॉर्पियो का काफिला लेकर घर पहुंचा परिवार, ढोल नगाडे भी साथ थे

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हमीरपुर। करंट क्राइम। जिले में बेटी के जन्म पर एक परिवार ने 13 स्कॉर्पियो का काफिला निकाला। हाईवे पर आगे गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं। पीछे बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे। घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। बच्ची का जन्म मंगलवार को हुआ। परिवार में एक पीढ़ी के बाद बेटी का जन्म हुआ है। पूरे सेलिब्रेशन का वीडियो भी सामने आया है। मामला मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर का है।
मौदहा कस्बे के मोहल्ला फत्तेपुर में अंजुम परवेज उर्फ राजू के परिवार में लंबे समय बाद बच्ची का जन्म हुआ है। ये खबर जैसे ही डॉक्टरों ने राजू के परिवार को दी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
एक गाड़ी में राजू और उनकी पत्नी निखत बच्ची को लेकर बैठीं, जबकि बाकी गाड़ियों में परिवार और रिश्तेदार थे। गाड़ियों का काफिला घर पहुंचा, तो इस खुशी के मौके पर मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए।

2 दिन पहले बच्ची का जन्म हुआ राजू की पत्नी निखत फातिमा को 2 दिन पहले मंगलवार को घर से एक किमी दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। परिवार बेटी होने की प्रार्थना कर रहा था। उसी रात निखत ने बेटी को जन्म दिया।

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