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जीडीए बोर्ड में सचिन, हिमांशु, कृष्णा व आसिफ की हुई एन्ट्री

नगर निगम सभागार में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव, भाजपा तीन व सपा एक प्रत्याशी को जीत दिलाने में हुई कामयाब
करंट क्राइम

गाजियाबाद। जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव सोमवार को नगर निगम सभागार में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करा लिया गया। कुल 110 मतदाताओं में से 107 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में भाजपा तीनों उम्मीदवारों को जहां जिताने में सफल रही है, वहीं कांग्रेस को चुनाव में बड़ा झटका लगा है और समाजवादी पार्टी अपने एक प्रत्याशी को बोर्ड में भेजने में कामयाब हुई है।
जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में भाजपा की ओर से सचिन डागर, हिमांशु मित्तल व कृष्णा त्यागी विजयी हुर्इं हैं, वहीं समाजवादी पार्टी उम्मीदवार मौहम्मद आसिफ चौधरी भी जीत दर्ज कराने में कामयाब हुए हैं। जीत दर्ज कराने के बाद विजयी प्रत्याशियों का फूलमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया।
नगर निगम सभागार में हुए जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में नगरायुक्त सीपी सिंह व मेयर आशा शर्मा ने विधिवत रूप से विजयी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की।
बता दें कि सोमवार सुबह दस बजे नगर निगम सभागार जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव की प्रक्रिया को शुरू कराया गया। साढ़े दस बजे नामांकन पत्रों की बिक्री प्रक्रिया शुरू कराई गई। नामांकन पत्र वार्ड-48 से सपा पार्षद मौहम्मद आसिफ चौधरी, कांग्रेस से मिथलेश शर्मा, भाजपा से कृष्णा त्यागी, हिमांशु मित्तल, सचिन डागर, हिमांशु लव व निर्दलीय प्रत्याशी अमित पंत व बसपा की ओर से आनन्द चौधरी ने नामांकन पत्र खरीदे। कुल आठ नामांकन पत्र खरीदे गये जिसमें से निर्दलीय प्रत्याशी अमित पंत व बसपा उम्मीदवार आनन्द चौधरी की ओर से नामांकन पत्र वापस ले लिया गया लेकिन हिमांशु लव ने पर्चा दाखिल ही नहीं किया। तीन प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद भाजपा के तीन व कांग्रेस व सपा का एक-एक प्रत्याशी मैदान में रहा जिनके बीच रोचक टक्कर रही। सभी विजयी प्रत्याशियों का नगर निगम में फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया गया।
तीन पदेन सदस्यों ने नहीं किया मतदान
जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में तीन सदस्यों की ओर से मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लिया गया। पदेन सदस्य एवं सपा एमएलसी जितेंद्र यादव, बसपा एमएलसी सुरेश कश्यप, प्रदीप जाटव ने मतदान में भाग नहीं लिया। इसके अलावा अन्य पदेन सदस्यों ने मतदान में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जितेंद्र यादव फ्लाइट लेट होने के चलते नहीं कर सके मतदान
सपा एमएलसी जितेंद्र यादव भी जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में मताधिकार करने के लिए निकले थे लेकिन उनकी फ्लाइट लेट होने के कारण वह मतदान नहीं कर सके। महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने इस संबंध में बताया कि चुनाव के संबंध में उन्हें जानकारी दे दी गई थी, लेकिन फ्लाइट लेट हो गई,जिस कारण से वह मतदान नहीं कर सके।
हिमांशु लव ने परिणाम आने से पहले ही कर दिया फैसला
भाजपा के निगम पार्षद हिमांशु लव ने जब जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई उस समय नामांकन फार्म लेकर सबको चौंका दिया। नामांकन फार्म लेने के बाद निगम के सभागार में गहमा-गहमी का माहौल व्याप्त हो गया। वरिष्ठों के बीच में आने के बाद हिमांशु लव की ओर से नामांकन फार्म नहीं जमा किया गया। लेकिन जिस समय मतदान की प्रक्रिया चल रही थी तभी हिमांशु लव की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई जिसमें हिमांशु मित्तल को विजयी घोषित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट को जो भी देख रहा था वह खासा हैरान था कि अभी तो प्रक्रिया चल रही है तो फिर क्यों प्रक्रिया से पहले ही जीत को घोषित कर दिया गया।
बलवंत रामूवालिया का कटा वोट, बाद में दिया गया जोड़
सपा एमएलसी बलवंत रामूवालिया जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में मतदान करने के लिए नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। रामूवालिया को सपा जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार मुन्नी व महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी साथ लेकर पहुंचे। निगम में पहुंचने के दौरान पता चला कि बलवंत रामूवालिया का वोट नहीं है, इस पर सपा नेताओं की ओर से आपत्ति जताई गई और उसके बाद बलवंत रामूवालिया का वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा गया। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के बाद बलवंत सिंह रामूवालिया ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
माननीयों ने भी लिया मतदान में हिस्सा
गाजियाबाद(करंट क्राइम)।जीडीए बोर्ड सदस्य चुनाव में सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में माननीयों की चहलकदमी दिनभर देखने को मिली। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, शहर विधायक व राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा, स्वयं मेयर आशा शर्मा, सपा एमएलसी राकेश यादव, सपा एमएलसी रामूवालिया आदि ने निगम मुख्यालय पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एवं सांसद वीके सिंह, राज्यमंत्री अतुल गर्ग, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल अपने मताधिकार का प्रयोग कर वहां से चले गये लेकिन मौके पर मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी व साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा जमे रहे। जब तक रिजल्ट आउट नहीं किया गया तो विधायक निगम में मौजूद रहे और बाद में निगम मुख्यालय से बाहर निकले।
संगठन रणनीति का टेस्ट, मानसिंह इज द बेस्ट
गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भाजपा महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी के लिए जीडीए बोर्ड का चुनाव एक टेस्ट की तरह था। जब नतीजे आए तो तय हो गया कि मानसिंह इज द बेस्ट। जीडीए बोर्ड चुनाव से पहले सबकी निगाहें भाजपा महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी पर थीं, क्योंकि चुनाव महानगर में हो रहा था और यहां भाजपा ने तीसरा दांव खेलकर मैच को रोमांचक बना दिया था। यहां महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी के लिए बड़ी चुनौती यह थी कि वह संगठन क्षमता के अनुरूप हर वोट को भाजपा के पक्ष में लेकर आए। सभी की निगाहें मानसिंह गोस्वामी और मेयर आशा शर्मा पर थीं। यहां सूत्र बताते हैं कि अंदरखाने एक खेमा महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी की रणनीति को फ्लॉप करने पर लगा हुआ था। यह खेमा चाहता था कि नतीजा इस तरह से आए कि मानसिंह गोस्वामी फ्लॉप साबित हों और क्रेडिट दूसरों के हिस्से में चली जाए। लेकिन जब सोमवार को जीडीए बोर्ड चुनाव के नतीजे आए और भाजपा के तीनों उम्मीदवार विजयी घोषित हुए तो यह उन लोगों के लिए मानसिंह गोस्वामी की ओर से जवाब था, जो हार का इंतजार कर रहे थे। महानगर अध्यक्ष के रूप में मानसिंह गोस्वामी ने साबित किया कि वह पुराने कार्यकर्ता हैं। रणनीति बनाना भी जानते हैं और उस पर काम करना भी जानते हैं। उन्हें महानगर अध्यक्ष का पद कोई गिफ्ट में नहीं मिला है। भाजपा के लिए संघर्ष किया है और संघर्ष के बाद यह दायित्व उनके कंधों पर आया है। रणनीति कौशल के टेस्ट में महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी प्रथम श्रेणी में पास हुए और अब भाजपा खेमे से ही आवाज आ रही है कि मानसिंह गोस्वामी इज द बेस्ट।

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