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जीडीए बोर्ड चुनाव में सचिन डागर का जलवा

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। भाजपा के वॉर्ड 60 से पार्षद सचिन डागर जीडीए बोर्ड चुनाव में जीतने वाले सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने सबसे ज्यादा वोट लेकर जीत का इतिहास रच दिया। भाजपा को यहां जीतने के लिए 25 वोट चाहिए थे। भाजपा ने यहां अपने तीनों उम्मीदवारों को पैनल के हिसाब से 21-21 वोट दे दिए थे और चार वोट का जुगाड़ चुनाव लड़ने वाले को करना था। सचिन डागर इस मामले में जीत के नायक बन गए। उन्होंने 25 नहीं बल्कि 27 वोट हासिल किए और इस तरह सर्वाधिक वोट लेकर जीडीए बोर्ड सदस्य बने। जबकि भाजपा के ही हिमांशु मित्तल 22 और कृष्णा त्यागी को 22 वोट मिले।
सचिन डागर को पहले से ही साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा का उम्मीदवार माना जा रहा था। इसमें कोई शक भी नहीं है, क्योंकि वह सुनील शर्मा के ही शिष्य माने जाते हंै। यहां शिष्य ने गुरु का मान रखा है। सुनील शर्मा भी देश की सबसे बड़ी विधानसभा साहिबाबाद से सर्वाधिक वोटों से चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। गुरु के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके शिष्य सचिन डागर ने भी उनका नाम रोशन किया है और सर्वाधिक वोट हासिल कर अपना लोहा मनवा लिया। सचिन डागर को शुरू से ही जीत वाला उम्मीदवार माना जा रहा था। उन्हें पहले भी मौका नहीं मिला था वरना यह जीत तो उसी समय आ जाती। इस बार जब सचिन डागर को भाजपा ने मौका दिया तो उन्होंने अपने आप को साबित कर दिया। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा का आशीर्वाद पूरी तरह सचिन डागर के लिए गुडलक साबित हुआ। सचिन डागर को भाजपा का कर्मठ कार्यकर्ता माना जाता है। अपने वॉर्ड में उनका खासा जनाधार है और अपने व्यवहार तथा कर्मठता के कारण उन्हें भाजपा के बड़े नेताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त है। अब जब सचिन डागर जैसे चेहरे सर्वाधिक वोटों से चुनाव जीतकर जीडीए बोर्ड में पहुंचेंगे तो निश्चित रूप से महानगर की विकास योजनाओं में उनके विजन की झलक दिखाई देगी।

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