सास ने किडनी देकर बचाई बहू की जान -मायके ने साथ छोड़ दिया था बेटी का साथ

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जैसलमेर (ईएमएस)। राजस्थान में एक बहू का हाथ उसकी सास ने तब थामा, जब मायके ने साथ छोड़ दिया। दरअसल सास ने अपनी बहू को किडनी देकर उसे नया जीवन प्रदान किया। यहां 60 साल की एक महिला ने अपनी बहू को तब किडनी डोनेट करने का फैसला किया, जब उसकी मां ने किडनी डोनेट करने से इनकार कर दिया। बाड़मेर जिले के गांधी नगर क्षेत्र के निवासी गनी देवी (60) ने अपनी बहू सोनिका (32) को किडनी डोनेट करने का फैसला किया। सोनिका के गुर्दे खराब हो गए थे और पिछले एक साल से वह दवा की मदद से रह रही थीं। जब सोनिका ने दिल्ली में अपोलो अस्पताल में अपनी किडनी की जांच करवाई, तो डॉक्टर्स ने बताया कि उनके दोनों गुर्दे फेल हो चुके हैं। शुरुआत में सोनिका की मां भांवरी देवी से उनकी किडनी डोनेट करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। सोनिका के भाई और पिता ने भी अपनी किडनी देने से इनकार कर दिया। इसपर उनकी सास गनी देवी अपनी किडनी डोनेट करने आगे आईं और उन्होंने कहा कि वह सोनिका को अपनी बेटी मानती हैं। 13 सितंबर को दिल्ली में हुए ट्रांसप्लांट के बाद सोनिका अब स्वस्थ हैं। सोनिका की दो बेटियां हैं, जो अपनी मां को फिर से स्वस्थ देखकर खुश हैं। सोनिका ने कहा कि वह अपनी सास के प्रति बहुत आभारी हैं, क्योंकि उन्होंने तब मदद की जब मायके ने उनका साथ नहीं दिया।सोनिका के स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उनके पास दो ही विकल्प बचे थे, डायलिसिस पर रखा जाना या किडनी ट्रांसप्लांट करवाना।डायलिसिस लंबे समय तक चलने वाला विकल्प नहीं है, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प था।