यूएन रिपोर्ट में खुलासा- दुनिया में तेजी से फैल रहा कैंसर, पौने दो करोड़ लोगों को ले सकता गिरफ्त में

0
77
Prostate cancer awareness

नई दिल्ली (ईएमएस)। विगत कुछ सालों से कैंसर रोग तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। यूएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल दुनियाभर में 1.8 करोड़ मामले कैंसर के सामने आ सकते हैं, जिसमें 96 लाख लोगों की जान जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में हर पांच में से एक पुरुष को कैंसर हो रहा है। उधर, भारत में कैंसर रेट तो स्थिर है लेकिन इसके मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
इंडियन मेडिकल इंस्टिट्यूशन के शीर्ष शोधकर्ताओं द्वारा किए रिसर्च में खुलासा हुआ है कि 1990-2016 के बीच कैंसर रेट स्थिर रहा है। 2016 में महिला-पुरुषों के बीच सबसे ज्यादा मामले पेट के कैंसर के आए थे, वहीं अब लीवर कैंसर ज्यादा तेजी के साथ फैल रहा है। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर 8.2 प्रतिशत, लंग कैंसर 7.5 प्रतिशत के मामले हैं। भारत में 1990 में कैंसर के 5.5 लाख मामले सामने आए थे, वहीं 2016 में इसकी संख्या 10.6 लाख हो गई। कैंसर दूसरी सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी है। कैंसर पर रिसर्च करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी आईएआरसी ने बताया है कि इस साल दुनियाभर में कैंसर के 1.8 करोड़ नए मामले सामने आ सकते हैं और 96 लाख लोगों की इस कारण जान जा सकती है। इसके मुताबिक दुनिया में हर पांच में से एक पुरुष को कैंसर हो रहा है जबकि महिलाओं के मामले में यह अनुपात हर छह में से एक का है।
इंडियन मेडिकल इंस्टिट्यूशन के शोध में यह साफ किया गया है कि देश के पॉप्युलेशन के एज स्ट्रक्चर के कारण कैंसर के वास्तविक मामले बढ़े हैं। लोग अब ज्यादा समय तक जी रहे हैं और यही कारण है कि कैंसर की बीमारी अपेक्षाकृत बुजुर्गों को अपना निशाना ज्यादा बना रही है। कैंसर का सबसे कॉमन प्रकार स्टमक कैंसर है। इसके अलावा लीवर कैंसर सबसे तेजी से फैल रहा है। एक अध्ययन के अनुसार कैंसर के कारण मृत्यु दर अब भी ज्यादा है। अध्ययन के अनुसार शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान नहीं हो पाना इसका बड़ा कारण है। डॉक्टरों के अनुसार इस समय कैंसर से सर्वाइवल रेट 20-30 फीसदी के करीब है। डॉक्टरों ने बताया ज्यादातर मरीज कैंसर के एडवांस्ड स्टेज या फिर तीसरे या चौथे स्टेज में पहुंचने पर उनके पास आते हैं। एम्स कैंसर सेंटर के प्रमुख के मुताबिक, अगर कैंसर का पता शुरुआती स्तर पर चल जाए तो 80 फीसदी मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। अध्ययन के अनुसार पेट का कैंसर 9 प्रतिशत, ब्रेस्ट कैंसर 8.2 प्रतिशत, लंग कैंसर 7.5 प्रतिशत, कोलन (मलाशय) कैंसर 5.8 प्रतिशत, ब्लड कैंसर 5.2 प्रतिशत और सर्वाइकल कैंसर 5.2 प्रतिशत भारतीयों में आम है।