आरक्षण की आग में झुलसता भारत

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आरक्षण को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है कि किन जातियों को सही मायनों में आरक्षण दिया जाना चाहिए। (ghaziabad hindi news, ) आज के राजनैतिक परिवेश में राजनैतिक लाभ लेने के लिए आरक्षण तय किया जा रहा है। जो सही मायनें में आरक्षण के पात्र हैं वह आज भी आरक्षण से दूर हैं और कई बार देखने में आया है कि आरक्षण का लाभ सपन्न लोग अर्थात जाति विशेष के लोग उठा रहे हैं। आजादी के 68 वर्षो बाद भी भारत के गरीब तबके के लोग आरक्षण का लाभ लेने में असर्मथ दिख रहे हैं। आरक्षण को लेकर इन दिनों भारत के कई प्रान्तों में कई जाति विशेष के लोग आन्दोलनरत हैं, और सड़कों पर निकलकर आरक्षण का मांग को तल्ख भी कर रहे हैं। इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर गुजरात में आरक्षण की आग बेकाबू हो गई है, और पटेल समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर हैं और आगजनी कर अपनी मांग को पुख्ता करने पर तुले हुए हैं। पिछले दिनों गुजरात में जो कुछ हुआ वह सब सभ्य समाज के लिए अच्छे संकेत नहीं है। आरक्षण की मांग को लेकर जो कुछ हुआ उससे आम आदमी ही सबसे अधिक प्रभावित हुआ, और हमेशा आम आदमी ही प्रभावित होता है। आरक्षण मांगना सही और आरक्षण मांगने को लेकर जाति विशेष के लोग जो कुछ कर रहे हैं वह सही है या नहीं यह तो दूसरी बात है, लेकिन जाति विशेष के लोगों को समझना होगा कि उन्होंने अपनी बात मनमाने का जो तरीका निकाला है वह बेहद अपमानित करने वाला है। गुजरात के साथ उत्तर प्रदेश,दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के जाट बिरादरी के लोग भी आरक्षण दिए जाने को लेकर निरंतर सक्रिय हो रहे हैं और आन्दोलन को ओर अधिक तेज किये जाने की बातें कहीं जा रही हैं। इसके अलावा राजस्थान में भी समय समय पर आरक्षण की मांग को लेकर एक जाति विशेष के लोग रेल रोकने से लेकर सड़कों पर आगजनी करने का काम करते हैं। करंट क्राइम के इस संपादकीय के माध्यम से यह आवाज उठाने का प्रयास किया जा रहा है कि भारत देश के भीतर हर जाति, हर धर्म, और हर समुदाय कानून की नजर में एक है और कानून के दायरें में जो धर्म, जाति और समुदाय जितना कसौटी पर उतरता है उसे आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। हम स्वयं तय नहीं कर सकते कि किस जाति, धर्म या फिर समुदाय को आरक्षण दिया जाना चाहिए। आरक्षण मांगने वाले सड़कों पर जो हंगामा कर रहे हैं उन्हें न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए, ताकि जो कुछ इन दिनों गुजरात की सड़कों पर हो रहा है, वह बेहद शर्मशार करने वाला है। देश के रहने वाले सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी एक हैं और उन्हें आरक्षण के नाम पर अलग नहीं होने दिया जायेगा। अपने नापाक इरादों को लेकर जो तथाकथित नेता अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं उनके खिलाफ केंद्र सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि देश को आंतरिक तौर पर जो खोखला करने का काम कर रहे हैं उन्हें समय रहते सबक सिखाया जा सके। देश एक है और देश के हर नागरिक के लिए देशहित सर्वोपरी है, देश की व्यवस्थाओं से बड़ा कोई नही है और देश की सम्प्रभुता , और एकता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।

धन्यवाद। मनोज गुप्ता