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लक्षण रहित कोरोना पेशेंट को मिली राहत माइल्ड कैटेगरी और बिना लक्षण वाले संक्रमित होम आइसोलशन में रह सकेंगे

गाजियाबाद (करंट क्राइम)। अब बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव होम आइसोलेशन में रह सकेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस संबंध में 10 मई को ही गाइड लाइन जारी कर चुका है। अब उत्तर प्रदेश में भी होम आइसोलेशन की व्यवस्था लागू करने के आदेश मुख्यमंत्री ने जारी किए हैं और साथ ही इसके लिए गाइड लाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डा एनके गुप्ता ने बताया केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइड लाइन के मुताबिक बिना लक्षण वाले कोविड.19 मरीजों को होम आइसोलेशन में रहते हुए लगातार अस्पताल से संपर्क में रहना होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइड लाइन के मुताबिक कौन सा मरीज होम आइसोलेशन में रह सकता है, मेडिकल आफिसर से इस बात की अनुमति लेनी होती है। अनुमति इस बात पर निर्भर करती है कि मरीज पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित तो नहीं है। सीएमओ ने बताया होम आइसोलेशन की अनुमति देने से पहले यह भी देखना होता है कि मरीज के घर में कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्त तो नहीं है। घर में गर्भवती महिला और बच्चों की मौजूदगी भी देखनी होती है। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि होम आइसोलेशन में रहने के लिए मरीज के घर में उतनी जगह भी है कि नहीं। घर में रहने के लिए मरीज के लिए एक अलग कमरा जिसमें टॉयलेट भी हो जरूरी है। गाजियाबाद जैसे शहरों के लिए यह बिंदु बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अधिकतर लोग तो फ्लैट्स में रहते हैं।
गाजियाबाद में संक्रमितों का आंकड़ा 4000 को पार कर गया है, हालांकि इनमें से 2600 से अधिक मरीज ठीक होने के बाद अस्पताल से घर भेज दिए गए हैं। जनपद में इस समय 1400 से भी कम सक्रिय मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड-19 एल-1 स्तर के तीन अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। इनमें ईएसआई अस्पतालए राजेंद्र नगरए दिव्य ज्योति नर्सिंग होम और एसआरएम यूनीवर्सिटी में बनाए गए कोविड अस्पताल शामिल हैं। आईएमएस कॉलेज में भी 400 बेड का कोविड अस्पताल तैयार है, जरूरत पड़ने पर इसे तत्काल सक्रिय कर दिया जाएगा। होम आईसोलशन व्यवस्था लागू होने के बाद जनपद में एल.1 अस्पतालों की जरूरत कम हो जाएगी। दरअसल जनपद में अधिकतर मरीज माइल्ड कैटेगरी वाले हैं और अस्पताल में भर्ती होना भी नहीं चाहते। सीएमओ ने कहा कि नई गाइड लाइन आने के बाद माइल्ड कैटेगरी के संक्रमितों को होम आइसोलेशन की इजाजत दी जाएगी। लेकिन घर में रहने पर लोगों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।

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