राजा नहीं सेवक भाव से कर रहे हैं दायित्वों का निर्वहनः मुख्यमंत्री – ‘वैलेंटाइन डे के बीच सत्संग का यह उत्सव भारत की धर्म ध्वजा को रखेगा ऊपर’

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अहमदाबाद (ईएमएस)| मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भरोसा जताया कि आज जब पूरे विश्व में वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है, तब हमारे यहां धर्म, नीति और सदाचार के सत्संग का उत्सव मनाया जा रहा है, यह भारत की धर्म ध्वजा को ऊपर रख देश को परम वैभव के शिखर पर ले जाएगा। वे गुरुवार को नारणपुरा स्वामीनारायण मंदिर के रजत जयंती महोत्सव में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आम तौर पर संसार और संन्यास को परस्पर विरोधी ध्रुव माना जाता है। वहीं, हमारे यहां संतों ने संसार के बीच निःस्पृह भाव से रहकर संन्यास के तप-तपस्या से संसार के कल्याण की जो भाव रखा है, उससे भारत का भविष्य बहुत उज्जवल रहेगा। उन्होंने कहा कि हम ‘राजा भाव’ नहीं बल्कि ‘सेवक भाव’ से दायित्वों का निर्वहन कर जीवमात्र के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कार्य कर भव्य गुजरात के निर्माण को कटिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेम, दया और करुणा हमारी संस्कृति का आधार है। स्वामीनारायण संप्रदाय ने दीन-दुखियों की सेवा के साथ शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बिना किसी की मदद लिए समाज सहयोग से अनेक सेवा संकुल स्थापित किए हैं जो सराहनीय है। रूपाणी ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से हम ऐसे दिव्य और भव्य गुजरात के निर्माण को कटिबद्ध हैं जहां सदाचार, नीति, सत्य और कर्तव्य भावना हो। सच्चे और ईश्वरीय कार्यों में सरकार के हमेशा साथ खड़े होने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने राज्य में किसी भी व्यक्ति के दुखी न होने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की स्थापना के जरिए मजबूत गुजरात के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया।
इस महोत्सव में धर्मभक्ति के साथ राष्ट्रभक्ति को जोड़कर भावी पीढ़ी को संस्कारी और धर्मपरायण बनाने के स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रयासों की उन्होंने प्रशंसा की। रूपाणी ने कहा कि धर्म बचता है, तो राष्ट्र बचता है। अनेक विदेशी आक्रमणों के बावजूद हमारी धरोहर, संस्कृति और परंपरा अक्षुण्ण रही है। इसके मूल में धर्मभक्ति और राष्ट्रभक्ति है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से संबंधित प्रदर्शनी का भी जायजा लिया।
कालुपुर संप्रदाय के भावी आचार्य श्री व्रजेन्द्रप्रसाद जी महाराज ने कहा कि बड़े महोत्सव के आयोजन का आशय यह है कि सभी साथ मिलकर सत्संग करें और भगवान स्वामीनारायण का स्मरण करें। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण संप्रदाय दीनदुखियों की सेवा करने को तत्पर है। इसी कड़ी में किसी से दान लिए बिना कालुपुर में ‘आंगन’ नामक अनाथाश्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति मनुष्य बने और उसमें मनुष्यता के भाव में वृद्धि हो इसके लिए ऐसे उत्सव उपकारक साबित होते हैं।
रजत जयंती उत्सव में महापौर बीजलबेन पटेल, विधायक भूपेन्द्रभाई पटेल, मनपा स्थायी समिति के चेयरमैन अमूलभाई भट्ट, आत्मप्रकाश स्वामी, माधवप्रसाददास जी, हरिओमदास जी महाराज, संत-महंत, सांख्य योगी माताओं सहित विशाल संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे|