मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ने तैयार की हाई स्पीड इंजन

0
36

नई दिल्ली (ईएमएस)। मिशन रफ्तार के तहत अब रेलवे हाई स्पीड इंजन भी तैयार कर रहा है। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में ये इंजन बेहद मददगार होंगे। पहली बार 24 कोच की ट्रेन को अकेले दम पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाले इंजन का ट्रायल रन भी शुरू हो गया है। लोको पॉयलट ने 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रायल कर रहे है। ट्रेनों की रफ्तार अब बढ़ने वाली है। चितरंजन लोकोमोटिव वर्कस के इंजीनियरों ने ऐसा इंजन तैयार किया है जो 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। यह इंजन 24 कोच की ट्रेन को 160 किलोमीटर की रफ्तार से पटरी पर दौड़ा सकता है। मौजूदा समय में अधिकतम 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाला इंजन रेलवे के बेड़े में है। कोटा रेल मंडल में इस इंजन का ट्रायल किया गया है। मेक इन इंडिया मॉडल पर तैयार इंजन का डिजाइन भी चितरंजन लोकोमोटिव वक्र्स ने बनाया है। इंजीनियरों ने इस इंजन के गेयर में बदलावा के साथ वजन 14 टन तक कम किया है। इस तरह के इंजन का इस्तेमाल रेलवे पहले फेज में प्रीमियम ट्रेनों में करेगा। राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस ट्रेन को इस तरह से और अधिक गति मिलेगी। उल्लेखनीय है कि रेलसे दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता रूट पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की कवायद में है। डबल इंजन लगाकर स्पीड बढ़ाने की जरूरत अब रेलवे को नहीं होगी। केंद्र सरकार ने करीब 13,000 करोड़ रुपये भी इस योजना के लिए मंजूर किया गया है।