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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझाया सरकार ने टैक्स सिस्टम को कैसे बनाया और बेहतर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स सिस्टम को और बेहतर बनाने के इरादे से गुरुवार को ‘ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन- ईमानदारों के लिए सम्मान’ मंच की शुरुआत की। इसे कर सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने करदाताओं के लिए चार्टर अधिकार पत्र का भी ऐलान किया। उन्होंने देशवासियों से आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ कर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ लोगों के देश में मात्र डेढ़ करोड़ लोग ही कर देते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं न्यूनतम सरकार, कारगर शासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, ये देशवासियों के जीवन में सरकार के दखल को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ने सुधारों का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारे लिए सुधार का मतलब है, सुधार नीति आधारित हो, टुकड़ों में नहीं हो, समग्र हो और एक सुधार दूसरे सुधार का आधार बने, नए सुधार का मार्ग बनाए और ऐसा भी नहीं है कि एक बार सुधार करके रुक गए। ये निरंतर, सतत चलने वाली प्रक्रिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ईमानदार करदाता की राष्ट्र के निमार्ण में महत्वपूर्ण भूमिका है और जब ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वह आगे बढ़ता है तो देश विकास करता है तथा आगे भी बढ़ता है। उन्होंने कहा, ‘एक दौर था जब हमारे यहां सुधारों की बहुत बातें होती थीं। कभी मजबूरी में कुछ फैसले लिए जाते थे, कभी दबाव में कुछ फैसले हो जाते थे, तो उन्हें सुधार कह दिया जाता था। इस कारण इच्छित परिणाम नहीं मिलते थे। अब ये सोच और पहुंच दोनों बदल गई है।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नए प्लेटफॉर्म के तहत फेसलेस मूल्यांकन, फेसलेस अपील और करदाताओं का चार्टर शामिल है। टैक्स चार्टर की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इसके जरिए उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का भरोसा दिया गया है। यानी आयकर विभाग को अब करदाता के मान-सम्मान, संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखना होगा। प्रधानमंत्री ने करदाताओं से आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ कर देने का भी आह्वान किया।’ टैक्स चार्टर को देश के विकास यात्रा में बहुत बड़ा कदम बताते हुए पीएम मोदी ने कहा अभी तक होता ये है कि जिस शहर में हम रहते हैं, उसी शहर का कर विभाग कर से जुड़ी सभी बातों को देखता है। स्क्रूटनी हो, नोटिस हो, सर्वे हो या फिर ज़ब्ती हो, इसमें उसी शहर के आयकर विभाग की, आयकर अधिकारी की मुख्य भूमिका रहती है। उन्होंने कहा सरकार की कोशिश ये है कि हमारी कर प्रणाली पीड़ारहित हो, चेहरारहित हो। हर करदाता को उलझाने के बजाय समस्या को सुलझाने के लिए काम करे। पीड़ारहित अर्थात प्रौद्योगिकी से लेकर नियमों तक सबकुछ सरल हो। अब तक शहर का आयकर विभाग ही छानबीन कर सकता था लेकिन अब किसी भी राज्य या शहर का अधिकारी जांच कर सकता है। अब यह कंप्यूटर तय करेगा कि कौन से टैक्स का मूल्यांकन कौन करेगा। रिव्यू भी कौन करेगा, यह भी अब कंप्यूटर ही तय करेगा। इससे उन लोगों को दिक्कत होगी, जो गलत तरीके अपनाते हैं या टैक्स नहीं भरते। वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब कर प्रणाली फेसलेस हो रही है, यह करदाता के लिए निष्पक्षता और एक भरोसा देने वाला है। उन्होंने कहा कि कर मामलों में बिना आमना-सामना के बिना अपील फेसलेस अपील की सुविधा 25 सितंबर यानी दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिन से पूरे देशभर में नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का ईमानदार करदाता राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, जब देश के ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है।

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