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पुलिस ने बदला गश्त का तरीका, क्राइम रोकने दो मोटर साईकल पुलिसकर्मी चलेंगे साथ

नई दिल्ली| कोविड-19 यानि कोरोना महामारी ने दिल्ली पुलिस के काम-काज के तरीके में भी कई बदलाव ला दिये हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने डेली डायरी मोटर साइकिल राइडर द्वारा भेजे जाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी थी। ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर असर न आए। अब कोरोना से बचाव और शहर को महफूज रखने के लिए महकमे ने एक और बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव “गश्त” के तौर-तरीकों में किया गया है।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.एन.श्रीवास्तव ने पुलिस के जवानों और अफसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखा है। साथ ही कोविड-19 के बाद लॉकडाउन-4 में मिली छूट का लाभ अपराधी न उठा सकें, इसके लिए कुछ बदलाव किए हैं। क्योंकि छूट मिलने से अब स्ट्रीट क्राइम बढ़ने की भी आशंकाएं ज्यादा दिखाई देने लगी हैं। लॉकडाउन में जो अपराधी घरों में दुबके बैठे थे, वे भी लॉकडाउन में छूट मिलते ही अपराधों को अंजाम देने से बाज नहीं आयेंगे।

जनता भी सुरक्षित रहे और पुलिस भी कोविड-19 से प्रभावित न हो। इसके लिए पुलिस आयुक्त ने बेजोड़ फार्मूला खोजा है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, दो काम एक साथ हो जायें, इसके लिए अब गश्त में एक मोटर साइकिल पर पुलिस का एक ही जवान चलेगा। अब तक गश्त के दौरान एक मोटर साइकिल पर दो पुलिसकर्मी मय हथियार चला करते थे। दो मोटर साइकिलों पर दो अलग-अलग जवानों के चलने के पीछे वजह सोशल डिस्टेंसिंग ही है। ताकि दोनों सिपाही या हवलदार ड्यूटी पर एक साथ तो रहें, मगर दो अलग-अलग मोटर साइकिलों पर अलग अलग रहने से उनके कोरोना संक्रमित होने की आशंका कम हो जाएगी।

पुलिस मुख्यालय सूत्रों की मानें तो, अब लॉकडाउन 4.0 में मिली छूट के चलते स्ट्रीट क्राइम से जुड़े अपराधी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। लिहाजा स्ट्रीट क्राइम और क्रिमिनल्स को काबू करने का भी फार्मूला खोज लिया गया है।

स्ट्रीट क्राइम रोकने के लिए “दिल्ली के 15 जिलों में मौजूद प्रखर वाहनों को अलर्ट कर दिया गया है। क्योंकि प्रखर वाहन मुख्यत: स्ट्रीट क्राइम रोकने के लिए ही दिल्ली पुलिस के बेड़े में शामिल किये गये हैं।” पुलिस मुख्यालय ने प्रखर वाहनों व ड्यूटी पर लगे अन्य तमाम वाहनों पर मौजूद स्टाफ के लिए कई गाइडलांइस सिर्फ और सिर्फ कोरोना से बचाव के चलते जारी की हैं।

मसलन अब गश्त पर मौजूद कोई भी वाहन बिना सेनेटाइजेशन के इस्तेमाल में नहीं लाया जायेगा। साथ ही हर पुलिस वाहन में सेनेटाइजर और साबुन, पानी रखा जाना अनिवार्य कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अब हर पुलिसकर्मी खुद तो मास्क इस्तेमाल करेगा ही। साथ ही साथ वो अपने वाहन में अलग से भी मास्क रखेगा। ताकि अगर कोई नया शख्स उसके वाहन में बैठे तो उसे भी सेनेटाइज करके मास्क पहनाकर ही पुलिस वाहन के अंदर प्रवेश करने दिया जाये।

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, आपात स्थिति में अगर पुलिस वालों को किसी शव को अस्पताल या फिर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचाना होगा तो वे उसे अपने वाहन में नहीं रखेंगे। शव को पुलिसकर्मी किसी टेंपो इत्यादि से भी नहीं ले जायेंगे। इसके लिए पुलिसकर्मी विशेष तौर पर चिन्हित या तैयार किये गये वाहनों का ही इस्तेमाल करेंगे।

इतना ही नहीं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कोविड बचाव के चलते ही ड्रंकन ड्राइविंग अभियान भी बंद रखने का नियम अभी भी जारी रखा है। ताकि जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को किसी बाहरी इंसान के संपर्क में न आना पड़े। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस में कोरोना का शिकार भी सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस का ही एक सहायक उप निरीक्षक हुआ था।

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