जल-भराव के लिए लोग खुद जिम्मेदार, नालों में फेंकते हैं पुराने बेड, गद्दे और अलमारी, हो जाते हैं नाले चोक

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मुंबई (ईएमएस)। हर साल बारिश के चलते मुंबई के कई निचले इलाकों में पानी भर जाता है। नालियों और नालों में जाम लगने की वजह से जल भराव की समस्या पैदा होती है। इसकी वजह से बरसात के दिनों में होने वाली बरसात का पानी तेजी नहीं निकल पाया और पूरा इलाका जल मग्न हो जाता है। इस संकट के लिए स्थानीय निवासी भी जिम्मेदार हैं। वे नाले-नालियों में तमाम घरेलू उपयोग की चीजें फेंकते हैं, जिनकी वजह से नाला जाम हो जाता है और जल भराव की समस्या पैदा हो जाती है।
नालों की सफाई के दौरान कहीं-कहीं गद्दे, बेड और टेबल नालों में पाए गए हैं। इसी वजह से नाले चोक हो गए हैं। उनसे पानी निकल पाना मुश्किल हो रहा है। कुर्ला (वेस्ट) इलाके में बारिश के चलते लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर पानी भर गया। बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के सफाईकर्मी जब नाले की सफाई करने पहुंचे तो नाला नंबर 10 से गद्दा, बेड, अलमारी और तकिए जैसी चीजें निकलीं।
बीएमसी नालों की लगातार सफाई कर रही है, लेकिन इस तरह की चीजें नाले में मिलने से स्पष्ट है कि नालों की चोकिंग के लिए आम लोग भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। एल वॉर्ड के असिस्टेंट कमिश्नर मनीष वालांजु ने कहा कि बारिश का पानी सड़क पर भरने से आम लोग तुरंत बीएमसी की आलोचना करने लगते हैं, वे अपने फर्नीचर नाले में डालने से पहले सोचते भी नहीं है। लोगों को उनकी गलतियों का एहसास कराने के लिए मनीष वालांजु ने नाले से निकलने वाली हर चीज का फोटो खिंचवाया।
उन्होंने कहा मुझे उम्मीद है कि लोग इसे देखकर समझ पाएंगे कि वे क्या गलती कर रहे हैं। इसके अलावा नाले में इस तरह की चीजें डालने वाले पर 200 से 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। मनीष वालांजु ने बताया नाला नंबर 10 के आसपास रहने वाले कई लोगों ने शिकायत की थी। जब सफाईकर्मी नाले की सफाई के लिए पहुंचे तो उन्हें नाले में फर्नीचर के बड़े-बड़े टुकड़े मिले।
स्थानीय लोगों ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि आमतौर पर लोग इस तरह की चीजें नाले में ही फेंक देते हैं। मनीष वांजालु ने यह भी कहा है कि जहां इस तरह की चीजें सामने आ रही हैं, उन जगहों की पहचान की जा रही है। अब इन जगहों पर मार्शल तैनात किए जाएंगे और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नाले से बांस और पानी के पाइप भी निकले हैं। लोगों को ऐसा करने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।