गलत जीवनशैली से लोग हो रहे बीमार धूम्रपान और शराब को बनाया जीवन का अहम हिस्सा

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नई दिल्ली (ईएमएस)।गलत जीवन शैली और खानपान के कारण आजकल लोग ज्यादा बीमार हो रहे हैं। आज लोगों ने धूम्रपान और शराब को अपनी लाइफ का अहम हिस्सा बना लिया है।ऐसे लोगों को डायबीटीज, हार्ट संबंधी बीमारियों, कैंसर, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का शिकार बना रही हैं।शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं और हेल्दी खान-पान के बजाय लोग अब जंक फूड खाते हैं। एक तरह से इन सभी चीजों को लोगों ने आत्मसात कर लिया है। लेकिन इन्हीं गलतियों की वजह से लोग बीमारियों के भंवरजाल में फंस गए हैं और इससे निकलना भी मुश्किल हो गया है। डायबीटीज और स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसी बीमारियों से कोई अछूता नहीं है। ये जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां सभी के शरीर में घर कर चुकी हैं। इंटरनैशनल डायबीटीज फेडरेशन के अनुसार, भारत में 2017 में लगभग 72,946,400 डायबीटीज के मामले देखे गए। एनसीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक भारत और चीन जैसे देशों में डायबीटीज से पीड़ित लोगों की संख्या कुल जनसंख्या की एक तिहाई होगी। क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, डायटिशन और हील योर बॉडी के संस्थापक रजत त्रेहन के मुताबिक, हार्वर्ड टीएच चेन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में पाया गया कि डायबीटीज और हाई ब्लड प्रेशर की दर भारत में मध्यम आयु वर्ग के बुजुर्गों में काफी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण की ओर बढ़ रहे भारतीय समाज में इन दो बीमारियों के भी तेजी से पैर पसारने की आशंका है। आंकड़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि डायबीटीज की व्यापकता का लिंग से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि यह महिलाओं के लिए 6,1 प्रतिशत और पुरुषों के लिए 6,5 प्रतिशत है। वहीं हाई ब्लड प्रेशर की प्रवृत्ति पुरुषों में अधिक है। 20 फीसदी महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित हैं जबकि पुरुषों में इसका प्रतिशत 25 है। वहीं प्रदूषण के मामले में भी भारत किसी से पीछे नहीं है। दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से सात भारत में ही हैं। 2016 में ग्लोबल हेल्थ पर कराए गए एक अध्ययन में पाया गया कि प्रदूषण में शामिल सूक्ष्म तत्व पीएम 2,5 का डायबीटीज के बढ़ते रिस्क के साथ गहरा संबंध है। एक अन्य रिपोर्ट से पता चला है कि गंदी हवा में सांस लेने से स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। अगर लंबे समय तक उच्च स्तर का तनाव जारी रहता है तो हृदय संबंधी बीमारियां और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। इनसे बचने के लिए नियमित रूप से मेडिटेशन, योग और आयुर्वेद व प्राकृतिक दवाइयों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा हेल्दी डायट और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करना चाहिए। हवा की गुणवत्ता का शहरों में रहने वाले लोगों के तनावग्रस्त जीवन से सीधा सम्बंध है। गर्भावस्था के दौरान तनाव महसूस करना काफी आम है, लेकिन बहुत अधिक तनाव से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि नींद न आना, लंबे समय तक सिरदर्द और भूख कम लगना आदि।