उत्तर प्रदेश
Big Story: पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, किसान आंदोलन पर चर्चा की
आज उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में पंकज सिंह ने राज्य में चल रहे किसान आंदोलन पर विस्तृत चर्चा की। किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं।
पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलने के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और उन्हें समाधान निकालने के लिए सरकार से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि किसानों के बीच असंतोष बढ़ रहा है और यह राज्य की कृषि नीति और किसानों के लिए उपलब्ध संसाधनों को लेकर है। पंकज सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों के बीच संवाद को बढ़ाना चाहिए और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
किसान आंदोलन के दौरान, कई मुद्दे सामने आए हैं, जैसे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी, कृषि सुधारों को लेकर चिंता, और बिजली, पानी, और खाद्यान्न की आपूर्ति की स्थिति में सुधार की आवश्यकता । पंकज सिंह ने यही सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए उनसे यह सुझाव दिया कि सरकार को एक ठोस और सशक्त नीति बनानी चाहिए, जो किसानों की समस्याओं का समाधान कर सके और उन्हें न्याय दिला सके।
बैठक के बाद, पंकज सिंह ने कहा, “मीडिया से बात करते हुए, “हमारा उद्देश्य किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरी तरह से समर्थन की उम्मीद रखते हैं, ताकि राज्य में शांति और समृद्धि बनी रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के लिए जो सरकार ने पहले कदम उठाए हैं, उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना होगा, ताकि किसानों का विश्वास सरकार पर बना रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंकज सिंह की बातों को ध्यान से सुना और कहा कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए किसानों और सरकार के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने का वादा किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लाभ के लिए कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में काम कर रही है और जल्द ही कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
यह मुलाकात इस बात का संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश सरकार किसान आंदोलन को गंभीरता से ले रही है और किसानों के मुद्दों का समाधान निकालने के लिए सकारात्मक कदम उठाने का प्रयास करेगी। अब यह देखना होगा कि सरकार इन चर्चाओं के आधार पर किस प्रकार की नीतियों और योजनाओं को लागू करती है, जो किसानों को राहत प्रदान करें और राज्य में कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त बना सकें।
इस बैठक के बाद, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस मुलाकात के बाद कोई बड़ा ऐलान किया जाएगा या फिर किसानों के विरोध को शांत करने के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी। पंकज सिंह की इस पहल से यह साफ है कि बीजेपी अब किसानों के मुद्दे को लेकर पूरी तरह से सक्रिय हो गई है।
उत्तर प्रदेश
अपर्णा यादव से तलाक लेंगे प्रतीक यादव, इंस्टा पर की घोषणा, कहा- मतलबी औरत ने परिवार के रिश्ते खराब कर दिए
लखनउ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के परिवार में सब ठीक-ठाक नहीं लग रहा है। प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट पर सोमवार सुबह एक ऐसा पोस्ट हुआ जिसे पढ़कर सब हैरत में पड़ गए हैं। पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने की बात की है। इस पोस्ट के साथ अपर्णा यादव की तस्वीर भी लगी हुई है।
अंग्रेजी में इस इंस्टा पोस्ट में लिखा गया है- ’मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी। मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।’
बीजेपी नेता अपर्णा यादव इस समय यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम पोस्ट तेजी के साथ वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। अभी इस मुद्दे पर अपर्णा यादव की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी 4 नवंबर, 2011 को हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं।
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समलैंगिक संबंधों में बाधा बने पति की सुपारी देकर कराई हत्या, पत्नी समेत तीन लोग गिरफ्तार
फतेहपुर। करंट क्राइम। पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या में पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस के सामने आरोपी पत्नी ने कबूला कि समलैंगिक रिश्ते में बाधा बने पति की हत्या की साजिश उसने अपनी पड़ोसन दोस्त मालती देवी के साथ मिलकर रची थी।
मालती देवी और रेनू देवी के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध था। सुमेर को जब इसका पता चला तो उसने मालती को घर आने और पत्नी से मिलने से सख्ती से मना कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच मिलना-जुलना और बातचीत बंद हो गई। इससे दानों नाराज थीं। उन्होंने मिलकर सुमेर की हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस के सामने मालती ने बताया कि उसने अपने पुराने परिचित जितेंद्र गुप्ता उर्फ जिद्दी को पति की हत्या के लिए 60 हजार रुपये की सुपारी दी थी। रेनू ने 8000 रुपये बतौर एडवांस दिए। बची हुई राशि वारदात को अंजाम दिए जाने के बाद अदा किए जाने की बात तय हुई।
13 जनवरी की रात घटना को अंजाम दिए जाने की बात तय हुई। उस रात जितेंद्र अपने साथी राजू सोनकर एवं रामप्रकाश उर्फ महू के साथ मौके पर पहुंचा। इसके बाद आरोपियों ने सुमेर का गला रस्सी से दबा दिया। फिर चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश
मणिकर्णिका घाट पर फर्जी वीडियो वायरल करने पर सांसद संजय सिंह और पप्पू यादव पर FIR
वाराणसी। करंट क्राइम। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास कार्य के दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में विपक्षी नेताओं पर शिकंजा कस गया है। पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और बिहार के नेता पप्पू यादव सहित अन्य के खिलाफ चौक थाने में 8 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
इन नेताओं को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 179 के तहत नोटिस जारी कर 72 घंटे के अंदर थाने आकर बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि एआई जनरेटेड और फर्जी तस्वीरों के जरिए सरकार की छवि बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है।
रविवार को मणिकर्णिका घाट पर एक चबूतरे को मशीन से तोड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर हमला बोला था। संजय सिंह ने इसे ’पौराणिक मंदिरों का विध्वंस’ बताया, तो पप्पू यादव ने इसकी तुलना गजनवी के कृत्यों से कर दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद निरीक्षण के बाद स्पष्ट किया कि एआई तकनीक से बने फर्जी वीडियो के जरिए भ्रम फैलाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जो मंदिर क्षतिग्रस्त दिखाए गए, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
पुलिस ने जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है, उनमें 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी से पहले सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि कोर्ट से वारंट लिया जा सके।
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