Current Crime
ग़ाजियाबाद दिल्ली एन.सी.आर

धर्मान्तरण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर संजीव शर्मा का रहा सराहनीय रोल अपनी टीम को भेजकर किया मामले को कंट्रोल

वरिष्ठ संवाददाता (करंट क्राइम)

गाजियाबाद। एक घटना के बाद इसके इफेक्ट गाजियाबाद के करहेड़ा इलाके में दिखाई दिए। जब बाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने बौद्ध धर्म स्वीकार करने की बात कह दी। हालांकि धर्म परिवर्तन करना किसी व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन कई बार कुछ बातों से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता है। खास तौर से जब कोई भी राजनीतिक दल ऐसी घटनाओं का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश
करता है।
गाजियाबाद में इस घटना के अलग इफेक्ट थे। क्योंकि घटना देश की सबसे बड़ी विधानसभा में हुई। उस विधानसभा में हुई जहां एक साल पहले ही लोकसभा चुनाव में भाजपा को कुल पड़े वोटों का 71 प्रतिशत वोट मिला। अब जब यहां बाल्मीकि समाज के लोगों ने धर्म परिवर्तन किया तो घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामला सोशल इंजीनियरिंग में फंस गया। भाजपा वालों का आरोप था कि आम आदमी पार्टी इस मामले को तूल दे रही थी और यहां पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने खुद को भगवा कमांडर के रूप में स्थापित किया। अपनी सूझ-बूझ से उन्होंने साबित कर दिया कि उन्हें ऐसे ही हिण्डन पार में टीम वाला और थीम वाला नेता नही कहा जाता है। सामाजिक सरोकारों से जुड़कर चलते हैं और हालात कैसे भी हों इस इलाके में संजीव शर्मा की पकड़ सबसे मजबूत है। जब विपक्षी दलों ने मामले को तूल दिया तो यहां संजीव शर्मा ने अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाल लिया। शानदार सामाजिक मनोविज्ञान का परिचय दिया और खुद पर्दे के पीछे रहकर हालात को अपनी टीम के जरिये संभाला। वो जानते थे कि विपक्षी दल यहां सियासी तूल दे रहे हैं और ऐसे में यदि वो खुद मौके पर पहुंचेंगे तो मामला सियासी रंग ले सकता है। यहां पर संजीव शर्मा ने अपनी टीम भेजी और फिर सामाजिक मनोविज्ञान का इस्तेमाल किया। संजीव शर्मा ने यहां यशपाल पहलवान को भेजा। यशपाल पहलवान पार्षद हैं ओर उनका अपना सामाजिक प्रभाव है। बाल्मीकि समाज से आते हैं। इसके बाद यहां पर बाल्मीकि समाज के सबसे मजबूत चेहरे के रूप में प्रदीप चौहान को भेजा गया। प्रदीप चौहान भाजपा पार्षद हैं और उस टीम में शामिल थे जिसने सरकार की ओर से हाथरस में दौरा किया था और अपनी रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद यहां पर संजीव शर्मा ने महामंत्री पप्पू पहलवान और बिजेन्द्र चौहान को भी लगाया। इस टीम ने भगवा कमांडर द्वारा दी गयी जिम्मेदारी को बखूभी निभाया। इसके बाद चतरसिंह पार्षद और परविन्दर कांगड़ा भी पहुंचे। संजीव शर्मा पल-पल का अपडेट लेते रहे। दिशा निर्देश देते रहे। अधिकारियों के टच में रहे और यहां पर उनकी सूझबूझ से पूरे माहौल पर काबू पा लिया गया।

Related posts

Current Crime
Ghaziabad No.1 Hindi News Portal
%d bloggers like this: