प्रख्यात लेखिका टोनी मोरिसन का 88 साल की उम्र में निधन

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न्यूयॉर्क (ईएमएस)। विख्यात लेखिका और नोबेल पुरस्कार विजेता टोनी मारीसन का 88 साल की उम्र में सोमवार रात निधन हो गया। उनकी प्रसिद्ध किताबों में ‘बिलव्ड’ और ‘सॉन्ग ऑफ सोलोमन’ है। उन्होंने अपने साहित्य में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जो श्वेत और अश्वेत के वर्गीकरण से ऊपर थी। उन्होंने अपने विविधतापूर्ण लेखन से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मोरिसन का निधन न्यूयॉर्क के मोंटेफियोरे मेडिकल सेंटर में मंगलवार रात हो गया। प्रकाशक अल्फ्रेड ए नोफ ने उनके निधन की घोषणा की। मोरिसन के परिवार ने भी नोफ के जरिए एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि मोरिसन पिछले कुछ समय से बीमार थीं।
परिवार ने कहाटोनी मोरिसन ने कल रात अपने परिवार के सदस्यों के बीच अंतिम सांस ली। टोनी मारीसन ने अपने लेखन से अपने लिए बेहद सम्मानजनक स्थान बनाया था। उन्हें जो लोकप्रियता हासिल हुई, वह बहुत कम लेखकों को हासिल हो पाती है। उनकी पहली किताब ’द ब्लूयेस्ट आई’ उस समय प्रकाशित हुई, जब वह 40 साल की थीं। इसके बाद उनका लेखन चलता रहा और इस दौरान उन्होंने अनेक उत्कृष्ट उपन्यासों की रचना की। 60 साल की उम्र में 1993 में उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल करने वाली वह पहली अश्वेत महिला लेखिका बनीं। मारीसन के उपन्यासों का कथानक उनके विविधतापूर्ण अनुभवों का खजाना था। टोनी मारीसन ने नोबेल पुरस्कार लेते हुए कहा था अफसाना मेरे लिए कभी मनोरंजन का स्रोत नहीं रहा। मेरा विश्वास है कि यह ज्ञान पाने के मुख्य तरीकों में शामिल है। मोरिसन को 1988 में ‘बिलव्ड’ के लिए पुलित्जर पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।