10 साल में बनेगा सबसे विकसित क्षेत्र
सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत से यहाँ औद्योगिक विकास होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा, और हवाई यात्रा में सुगमता आएगी। यह क्षेत्र अब तक के अंधकार से निकलकर वैश्विक मंच पर चमकेगा। अगले दस वर्षों में, यह भारत का सबसे विकसित क्षेत्र बन जाएगा, और विश्व इस क्षेत्र की समृद्धि को देखेगा। योगी ने किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए अधिकारियों को रिश्ता प्रबंधन में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि की कोई भी नीति तभी पूर्ण मानी जाएगी जब वह नौकरी के अवसर प्रदान करे।
40 एकड़ में एमआरओ का विकास
योगी ने यह भी बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 9 दिसंबर को वेलिडेशन फ्लाइट की सफलतापूर्वक लैंडिंग हुई है, और अप्रैल 2025 से विमान सेवाएं प्रारंभ होंगी। इसके अलावा, 40 एकड़ में एमआरओ (मेमेंटेंस, रिपेयर और ओवरहालिंग) का विकास भी किया जाएगा। एयरपोर्ट को ईस्टर्न पेरीफेरल रोड से यमुना एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज बनाकर जोड़ा जाएगा। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल के द्वारा भी टर्मिनल के पास एक स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिससे दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी मात्र 21 मिनट में तय होगी।
किसान जाएंगे अयोध्या दर्शन के लिए
मुख्यमंत्री के फैसले से खुश किसानों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। सीएम ने उनके रुकने और घूमने की व्यवस्था के बारे में नोएडा के विधायक धीरेंद्र सिंह से जानकारी ली। किसानों ने अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन करने की इच्छा व्यक्त की, जिसे सीएम ने सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जेवर एयरपोर्ट की विशेषताएँ
- 2024-25 में एक रनवे के साथ एयरपोर्ट का संचालन, 1.20 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता
- 2031 तक दो रनवे बन जाएंगे, और वार्षिक क्षमता 3 करोड़ तक पहुँच जाएगी
- तीसरे चरण के लिए 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा, तीनों रनवे से यात्री क्षमता 22.5 करोड़ होगी
- कुल 5 रनवे के विस्तार से 2035 हेक्टेयर और भूमि अधिग्रहण होगा
- पूरे विस्तार के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता 29.50 करोड़ यात्रियों तक पहुँच जाएगी
- चार चरणों में निर्माण पर 30 हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
