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चाहे जितना षड्यंत्र रचो, कृष्ण-अर्जुन की यह जोड़ी को तोड़ नहीं पाओगे

  • राजद में जारी घमासान पर बोले तेज प्रताप

पटना। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद में जारी घमासान थमता नहीं दिख रहा है। पार्टी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने शुक्रवार को कहा कि भाई तेजस्वी से मुलाकात के दौरान उनकी ठीक से बात नहीं हो पाई। इसके लिए उन्होंने तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा दोनों भाइयों के बीच चर्चा चल ही रही थी कि संजय यादव, तेजस्वी को लेकर कहीं चले गए। शनिवार को उन्होंने अपने ट्वीट में एक बार फिर तेजस्वी यादव को अर्जुन और खुद कृष्ण बताते हुए ट्वीट किया।
ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘चाहे जितना षड्यंत्र रचो, कृष्ण-अर्जुन की इस जोड़ी को तोड़ नहीं पाओगे! इस ट्वीट के जरिए उन्होंने साफ कर दिया फिलहाल वह तेजस्वी के साथ बने रहेंगे। तेजस्वी के साथ उनके संबंधों में कौन बाधा डाल रहा है, यह किसी से छिपा नहीं है। दरअसल, तेज प्रताप के जिगरी आकाश यादव को जब से छात्र राजद अध्यक्ष पद से हटाया गया है, तभी से उनकी जबान तल्ख हो गई है।
इसके लिए उन्होंने तेजस्वी के जिगरी दोस्त और राजनीतिक सलाहकार संजय यादव को सीधेर-सीधे लक्ष्य किया है। तेजप्रताप का मानना है कि संजय यादव के कहने पर ही जगदानंद सिंह ने आकाश यादव को पद से हटाया। हसनपुर विधायक ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के विरुद्ध भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। तेज प्रताप यादव जगदानंद सिंह के उस बयान से नाराज हैं, जिसमें उन्होंने पूछा था-हू इज तेज प्रताप। पूर्व मंत्री और हसनपुर से विधायक तेज प्रताप यादव ने पिछले दिनों इसके जवाब में कहा था कि क्या जगदानंद सिंह यह नहीं जानते कि मैं भी लालू प्रसाद यादव का बेटा हूं। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्र राजद के अध्यक्ष को हटाया जाना पार्टी संविधान के खिलाफ है।
अगर इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो वह इस मामले को कोर्ट तक लेकर जाएंगे। अगर जगदानंद सिंह को छात्र राजद अध्यक्ष को हटाना ही था तो वह एक बार मुझसे बात भी कर सकते थे। लालू परिवार में छिड़ी जंग अब फाइनल स्टेज में पहुंचती दिख रही है। तेजस्वी यादव शुक्रवार शाम अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने कहा भाई हों या कोई और, पार्टी में अनुशासन में रहना होगा। तेजस्वी ने कहा कि तेजप्रताप मेरे बड़े भाई हैं, यह अलग बात है। हमलोगों को माता-पिता ने ये संस्कार दिए हैं कि बड़ों की इज्जत करो, सम्मान करो। अनुशासन में भी रहो। पार्टी में सबको अनुशासन में रहना होगा।

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