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एनडी तिवारी के बेटे रोहित की संदिग्ध मौत, साढ़े सोलह घंटे तक सोते रहे, किसी ने जगाया क्यों नहीं?

नई दिल्ली (ईएमएस)। कांग्रेस के दिग्गज नेता और यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी की मंगलवार को हुई संदिग्ध मौत मामले में कई पेंच उलझ रहे हैं, डिफेंस कॉलोनी पुलिस फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस रोहित शेखर की नेचरल और साजिशन मौत पर 50-50 फीसदी बंटी हुई है। इसके कई अहम कारण भी बताए जा रहे हैं। बुधवार को रोहित के शव का एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाकर बॉडी को उनकी मां के हवाले कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर काफी कुछ निर्भर है। कई सवाल पुलिस के लिए पहेली हैं। बुधवार को पांच डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। मौत के कारणों का रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा, लेकिन डॉक्टरों की टीम इस बात से हैरान है कि रोहित की नाक से खून कैसे आया। इसके लिए वह मौका-मुआयना भी कर सकती है। रोहित वोट डालने कोटद्वार गए थे। वहां से सोमवार रात करीब 11 बजे डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर लौटे। घर आते ही उन्होंने डिनर किया और आधे घंटे बाद करीब 11:30 बजे वह अपने रूम में सोने गए। उनकी नींद अगले दिन बुधवार की सुबह नहीं खुली। मंगलवार शाम करीब 4 बजे उनके नौकर ने देखा कि वह अभी तक सोए हुए हैं। उनकी नाक से खून निकला हुआ था। इसकी जानकारी उनकी मां और मैक्स अस्पताल को दी गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रोहित सोमवार रात 11:30 बजे सो गए थे तो घर में किसी ने भी उनकी 16:30 घंटे तक कोई सुध क्यों नहीं ली। उनकी पत्नी भी पूरे समय घर पर ही थीं। घर में दूसरे लोग भी थे। इसके अलावा, पुलिस जांच में यह भी पता लगा है कि रोहित जब घर आए थे तब वह कुछ नशे में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि नींद न आने पर कई बार रोहित नींद वाली गोलियां भी लेते थे। ऐसे में शक है कि कहीं उन्होंने नशे में नींद आने की गोलियां ली हों और उसका रिऐक्शन हो गया हो। पुलिस और डॉक्टरों को यह समझ नहीं आ रहा कि उनकी नाक से खून क्यों निकला। शक है कि कहीं यह मसला पॉइजनिंग से तो नहीं जुड़ा। पुलिस को रोहित के रूम के अंदर ढेर सारी दवाइयां और खाली रैपर भी मिले। हाल में उनकी बाइपास सर्जरी हुई थी। कमरे में पुलिस को इतनी अधिक दवाइयां मिली हैं कि लग रहा था कि बेडरूम न होकर कोई छोटा-सा मेडिकल स्टोर हो। पुलिस ने पांच डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई। पुलिस ने कहा कि उनसे रोहित की मां या पत्नी या किसी और ने पोस्टमॉर्टम करने से मना करने की कोई रिक्वेस्ट नहीं की। परिवार की ओर से हत्या की भी कोई बात पुलिस से नहीं कही गई है।

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